पलाम-फिपल्टी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग, गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री धामी को भेजा पत्र
ग्रामीण आबादी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध शिक्षण अस्पताल स्थापित करने की मांग
नई दिल्ली/टिहरी, 17 अगस्त 2026। टिहरी गढ़वाल जनपद के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर गढ़वाल हितैषिणी सभा (पंजी.) दिल्ली ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर पलाम-फिपल्टी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना किए जाने की मांग की है।
सभा के अध्यक्ष सूरत सिंह रावत एवं महासचिव पवन कुमार मैठाणी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि टिहरी गढ़वाल जनपद की लगभग 89 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों के कारण गंभीर रोगियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए देहरादून, ऋषिकेश अथवा अन्य मैदानी क्षेत्रों में जाना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में पलाम-फिपल्टी में मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध शिक्षण अस्पताल की स्थापना जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिल सकेगी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा
गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पलाम-फिपल्टी को जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुगम एवं केंद्रीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। सभा का कहना है कि मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा, ट्रॉमा एवं आपातकालीन सेवाएं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, आईसीयू तथा आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा, पैरामेडिकल एवं अन्य क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
दुर्गम क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
सभा ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान में टिहरी गढ़वाल के अनेक ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए जिला मुख्यालय अथवा जनपद से बाहर जाना पड़ता है। कई मामलों में दूरी और समय के कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में पलाम-फिपल्टी में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से जनपद की ग्रामीण आबादी को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी प्रतिलिपि
गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री से जनसंख्या की पहुंच, क्षेत्र की भौगोलिक केंद्रीयता, सड़क संपर्क, आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता तथा भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पलाम-फिपल्टी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध किया है।
पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए उत्तराखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को भी प्रेषित की गई है।
सभा ने विश्वास व्यक्त किया कि टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए यह निर्णय दूरगामी एवं जनहितकारी साबित होगा।
प्रमुख बिंदु
पलाम-फिपल्टी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग।
टिहरी की लगभग 89 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।
दुर्गम क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को बाहर उपचार के लिए जाना पड़ता है।
विशेषज्ञ चिकित्सा, ट्रॉमा एवं आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर जोर।
स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा एवं पैरामेडिकल शिक्षा तथा रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद।
गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को भी भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि।
