वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और कानूनी सुरक्षा पर नागणी में विधिक जागरूकता शिविर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी की पहल, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और महिलाओं को कानून एवं हेल्पलाइन की जानकारी
नागणी/चंबा, सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’, 21 अगस्त 2026। वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजकीय इंटर कॉलेज नागणी, टिहरी गढ़वाल में विधिक जागरूकता एवं कानूनी साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल तथा जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीनियर सिविल जज दयाराम के सौजन्य से आयोजित हुआ।
शिविर में विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, महिलाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों तक सीमित न रहकर आमजन को उनके दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों, विधिक सहायता और उपलब्ध हेल्पलाइन के प्रति जागरूक करना भी रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारी तस्लीम कुरैशी ने सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों और ग्रामीण समाज के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि कानून की सामान्य जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है।
वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान और सुरक्षा सामाजिक जिम्मेदारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीनियर सिविल जज दयाराम ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित जनसमुदाय को विभिन्न कानूनी विषयों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सहायता उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वरिष्ठ नागरिकों को अपने अधिकारों की जानकारी होना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की उपेक्षा, उत्पीड़न या अन्याय की स्थिति में वे उचित कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें।
उन्होंने शिविर में नशा मुक्ति, अपराध एवं अपराध की प्रकृति, दंड, न्यायिक प्रक्रिया तथा विभिन्न कानूनी धाराओं की जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को साइबर अपराध, सड़क एवं वाहन संबंधी कानून, पॉक्सो एक्ट, बाल संरक्षण कानून तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया।
उन्होंने उपलब्ध कानूनी सहायता एवं हेल्पलाइन के संबंध में भी जानकारी देते हुए लोगों से किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करने का आह्वान किया।
मानव तस्करी और वरिष्ठ नागरिकों की विधिक सहायता पर चर्चा
रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मियां ने शिविर में राहवीर योजना, सरकारी योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, मानव तस्करी तथा वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता की जानकारी होने से वे अपने अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भी अपने आसपास होने वाली गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
विवादों के समाधान का सुलभ माध्यम है लोक अदालत
स्थायी लोक अदालत के सदस्य अधिवक्ता एल.पी. उनियाल ने लोक अदालत के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपसी विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत एक सरल, सुलभ और प्रभावी मंच है।
उन्होंने बताया कि आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का निस्तारण किया जा सकता है, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।
कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को किया जागरूक
अधिकार मित्र एवं कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने अपनी कविताओं एवं अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षिक एवं सामाजिक जागरूकता से संबंधित संदेश दिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी व्यक्ति को न केवल अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है, बल्कि उसे जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य महादेव प्रसाद उनियाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के जागरूकता शिविर बेहद उपयोगी हैं।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी विद्यालय में समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे, जिससे छात्र-छात्राओं को कानून, उनके अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।
ग्रामीणों और अभिभावकों की सहभागिता
शिविर में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों और महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। इससे यह संदेश भी सामने आया कि कानूनी जागरूकता केवल विद्यालयों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि पूरे समाज की आवश्यकता है।
विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों तथा उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी उपलब्ध कराना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्लास की प्रधान गीता नौटियाल, पुलिस सब-इंस्पेक्टर जय कुमार, एल.पी. थपलियाल, जगदीश ग्रामीण, बलवीर रावत, डी.पी. चमोली, कल्पना नेगी सहित बुजुर्ग माताएं, विद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
