CMSESY के अंतर्गत नकोट में श्रमिक किट वितरण: न्यूट्रीशन किट न मिलने पर श्रमिकों में रोष
करीब साढ़े पांच दर्जन श्रमिकों को ही मिल सकी किट, पंजीकरण और नवीनीकरण की समस्या के कारण कई श्रमिक लौटे खाली हाथ; पारदर्शिता पर उठे सवाल
नकोट, टिहरी गढ़वाल, 22 अगस्त 2026। न्याय पंचायत नकोट क्षेत्र में सीएमएसईएसवाई (CMSESY) के अंतर्गत उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग की ओर से किट वितरण किया गया। शनिवार को दोपहर तक चले इस वितरण कार्यक्रम में क्षेत्र के करीब साढ़े पांच दर्जन महिला एवं पुरुष श्रमिकों को ही किट वितरित की जा सकीं।
हालांकि किट वितरण के दौरान कई श्रमिकों को अपेक्षित सामग्री नहीं मिलने तथा पंजीकरण एवं नवीनीकरण से जुड़ी समस्याओं के कारण श्रमिकों में नाराजगी देखने को मिली। श्रमिकों ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संबंधित उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की।
पंजीकरण और नवीनीकरण न होने से कई श्रमिक लौटे खाली हाथ
किट वितरण स्थल पर पहुंचे कई श्रमिकों को किट नहीं मिल सकी। बताया गया कि कुछ श्रमिकों का पंजीकरण नहीं हुआ था, जबकि कई श्रमिकों का नवीनीकरण लंबित था। इसके चलते उन्हें बिना किट लिए वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों का कहना है कि यदि पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।
न्यूट्रीशन किट नहीं मिलने पर उठे सवाल
किट प्राप्त करने वाले श्रमिकों में भी उस समय नाराजगी देखने को मिली, जब उन्हें न्यूट्रीशन किट उपलब्ध नहीं कराई गई।
श्रमिकों के अनुसार विभागीय कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि न्यूट्रीशन किट से संबंधित पोर्टल काम नहीं कर रहा है। हालांकि श्रमिकों का कहना है कि अन्य स्थानों पर आयोजित वितरण कार्यक्रमों में न्यूट्रीशन किट भी उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में नकोट क्षेत्र में न्यूट्रीशन किट नहीं मिलने को लेकर श्रमिकों ने सवाल उठाए।
श्रमिकों ने मांग की कि विभागीय स्तर पर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण वास्तव में किट उपलब्ध नहीं हो सकी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
हाईजीन किट की गुणवत्ता पर भी नाराजगी
श्रमिकों ने वितरित की गई हाईजीन किट को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि किट में उपलब्ध सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी।
श्रमिकों ने मांग की कि किट में उपलब्ध सामग्री और उसकी गुणवत्ता की विभागीय स्तर पर जांच की जाए, ताकि लाभार्थियों को योजना के अनुरूप निर्धारित सामग्री मिल सके।
पारदर्शिता को लेकर श्रमिकों ने उठाए सवाल
किट वितरण के दौरान सामने आई समस्याओं के बाद श्रमिकों ने सीएमएसईएसवाई (CMSESY) के तहत होने वाले वितरण कार्य में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए।
श्रमिकों का कहना है कि योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सहायता उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि पंजीकरण, नवीनीकरण और किट वितरण की प्रक्रिया में ही श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़े तो योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा।
हालांकि इन आरोपों पर विभागीय अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए श्रमिकों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक होगी।
ग्रामीण श्रमिकों के पंजीकरण की सुविधा बढ़ाने की मांग
श्रमिकों ने बताया कि पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जिले में पंजीकरण के लिए सीमित सीएससी संचालकों को अधिकृत किए जाने के कारण दूरस्थ गांवों में रहने वाले श्रमिकों को चंबा, नई टिहरी अथवा अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है।
इससे श्रमिकों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। दैनिक मजदूरी पर निर्भर श्रमिकों के लिए एक छोटे से काम के लिए शहर तक जाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है।
नकोट में फिर से पंजीकरण और किट वितरण की मांग
मखलोगी क्षेत्र के श्रमिकों ने जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल एवं श्रम विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि नकोट क्षेत्र में श्रमिकों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण की सुविधा फिर से उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में ही पंजीकरण, नवीनीकरण और किट वितरण की व्यवस्था नियमित रूप से उपलब्ध हो तो श्रमिकों को अनावश्यक रूप से दूर-दराज के कार्यालयों और केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
श्रमिकों की प्रमुख मांगें
- नकोट क्षेत्र में श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं।
- किट वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- न्यूट्रीशन किट उपलब्ध न होने के कारणों की जांच की जाए।
- हाईजीन किट में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सीएससी केंद्रों को पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए अधिकृत किया जाए।
- किट वितरण की सूचना और पात्रता संबंधी जानकारी श्रमिकों को पहले से उपलब्ध कराई जाए।
