निर्धारित लक्ष्य से तीन दिन पहले देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र ने हासिल की शत-प्रतिशत उपलब्धि, टिहरी जिले में अब तक 1,07,333 प्रकरणों की सुनवाई पूरी
टिहरी/22 अगस्त 2026। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत टिहरी गढ़वाल जनपद में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तेजी से जारी है। इसी क्रम में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 19,131 प्रकरणों की सुनवाई शत-प्रतिशत पूरी कर ली है।
देवप्रयाग क्षेत्र में निर्धारित अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 थी, लेकिन निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से 22 अगस्त को ही सभी 19,131 प्रकरणों की सुनवाई पूरी कर ली गई। इस तरह निर्धारित समय-सीमा से तीन दिन पहले लक्ष्य हासिल किया गया।
टिहरी में 4.63 लाख से अधिक मतदाता
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित निर्वाचक नामावली के अनुसार टिहरी गढ़वाल की छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 994 मतदान केंद्र और 4,63,628 मतदाता दर्ज हैं।
विधानसभावार मतदाताओं की स्थिति इस प्रकार है—
| विधानसभा क्षेत्र | मतदाता |
|---|---|
| घनसाली | 85,081 |
| देवप्रयाग | 75,437 |
| नरेंद्रनगर | 79,199 |
| प्रतापनगर | 74,237 |
| टिहरी | 66,877 |
| धनोल्टी | 82,797 |
| कुल | 4,63,628 |
1,17,501 नोटिस जारी, 1,07,333 मामलों की सुनवाई पूरी
प्रकाशित निर्वाचक नामावली के बाद अनमैप एवं विसंगति की श्रेणी में चिह्नित निर्वाचकों को नोटिस जारी कर सुनवाई एवं सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई।
जनपद की छह विधानसभा सीटों में कुल 1,17,501 नोटिस जारी एवं वितरित किए गए हैं। इनमें से अब तक 1,07,333 प्रकरणों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
यह प्रगति दर्शाती है कि निर्वाचन विभाग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
देवप्रयाग में सभी 19,131 मामलों का निस्तारण
देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के तहत कुल 19,131 नोटिस जनरेट किए गए थे। सभी नोटिस संबंधित निर्वाचकों को वितरित किए गए और अब सभी मामलों की सुनवाई भी पूरी हो चुकी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार देवप्रयाग में सुनवाई पूर्ण करने की निर्धारित अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 थी। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों के चलते 22 अगस्त को ही सभी 19,131 मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई।
इस उपलब्धि के साथ देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र ने निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही 100 प्रतिशत सुनवाई का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी जारी है कार्य
जिला प्रशासन के अनुसार अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी नोटिस, सुनवाई एवं सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार जारी है।
सुनवाई की निर्धारित अंतिम तिथियां इस प्रकार हैं—
- प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र — 25 अगस्त 2026
- धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र — 27 अगस्त 2026
- घनसाली विधानसभा क्षेत्र — 31 अगस्त 2026
- नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र — 31 अगस्त 2026
- टिहरी विधानसभा क्षेत्र — 31 अगस्त 2026
प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी लंबित प्रकरणों की सुनवाई और सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
SIR का उद्देश्य क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य निर्वाचक नामावली को शुद्ध, पारदर्शी, अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाना है। इसके तहत नोटिस वितरण के बाद संबंधित मतदाताओं के प्रकरणों की सुनवाई, दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यकतानुसार प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है।
इसके अलावा एसआईआर के अंतर्गत प्राप्त प्रारूप-6, प्रारूप-7 और प्रारूप-8 से संबंधित प्रकरणों का भी समयबद्ध निस्तारण किया जाना है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच, सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियाद
मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है। किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना और अपात्र या विसंगत प्रविष्टियों का नियमानुसार परीक्षण होना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है।
इसी दृष्टि से एसआईआर की प्रक्रिया में नोटिस, सुनवाई और सत्यापन को महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। देवप्रयाग में समय से पहले 100 प्रतिशत सुनवाई पूरी होना प्रशासनिक समन्वय और मैदानी स्तर पर किए गए प्रयासों की उल्लेखनीय उपलब्धि है।
अब चुनौती यह है कि शेष पांच विधानसभा क्षेत्रों में भी लंबित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और अंतिम निर्वाचक नामावली तैयार करते समय प्रत्येक पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे।
