महिलाओं को सशक्त बनाएगी एआई तकनीक, सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी भी जरूरीः कुसुम कण्डवाल
ऋषिकेश में ‘Yashoda AI & Women’ विषय पर राज्य स्तरीय महिला जागरूकता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
ऋषिकेश/02 सितंबर, 2026, डा.शोभा राम उनियाल। राष्ट्रीय महिला आयोग एवं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Yashoda AI & Women)’ विषय पर राज्य स्तरीय महिला जागरूकता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में महिलाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का शुभारंभ ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, ऋषिकेश नगर निगम के महापौर शंभू पासवान, परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत, आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक ने दीप प्रज्वलित कर किया।
एआई के सुरक्षित और उपयोगी इस्तेमाल पर जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि महिलाओं के लिए आधुनिक तकनीक से परिचित होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने महिलाओं से एआई आधारित तकनीकों का उपयोग करने के साथ ही साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप महिलाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए, ताकि वे आर्थिक गतिविधियों, स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी और मजबूत कर सकें।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि तकनीकी विकास ने कार्य करने के तरीकों में व्यापक बदलाव किया है। कृषि, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक का उपयोग कार्यों को अधिक प्रभावी बना रहा है। उन्होंने एआई और आधुनिक तकनीकों के सकारात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
महापौर शंभू पासवान ने कहा कि एआई उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसके प्रयोग में मानवीय विवेक और निर्णय क्षमता को प्राथमिकता देना आवश्यक है। वहीं परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने युवाओं को रोबोटिक्स, एआई एवं अन्य उभरती तकनीकों में कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में उत्तराखंड पुलिस की स्टेट सोशल मीडिया हेड पुलिस उपनिरीक्षक रवीना ने महिलाओं एवं प्रतिभागियों को साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल, डीपफेक वीडियो, वॉयस क्लोनिंग, सेक्सटॉर्शन और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने तथा सार्वजनिक रूप से लाइव लोकेशन साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध या ऑनलाइन ब्लैकमेल की स्थिति में स्क्रीनशॉट, URL सहित संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना चाहिए और साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है।
एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन
सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए), उत्तराखंड के एसटीईएम रविशंकर सिंह ने एआई के शिक्षा, कंटेंट निर्माण एवं व्यवसाय में उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने एआई की मदद से अध्ययन सामग्री तैयार करने, पुस्तकों का संक्षेप बनाने, रिज्यूमे तैयार करने, इंटरव्यू की तैयारी, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन तथा व्यावसायिक विचार विकसित करने के बारे में जानकारी साझा की।
आईटीडीए के तन्मय धवन ने विभिन्न एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों को बेसिक प्रॉम्प्टिंग का व्यावहारिक अभ्यास कराया।
साइबर विशेषज्ञ पुलिस उपनिरीक्षक दीप्ति लोहनी ने मोबाइल डेटा सुरक्षा, क्लाउड प्राइवेसी और ऐप परमिशन से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी। वहीं साइबर एवं एआई कानून विशेषज्ञ अधिवक्ता जानवी शर्मा ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा एआई से जुड़ी संभावित कानूनी चुनौतियों एवं उपलब्ध उपायों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत एवं दीप गीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा पारंपरिक गढ़वाली समूह नृत्य एवं सांगीतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने अतिथियों, विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश तुषार बोरा, महिला आयोग की सदस्य विमला नैथानी, कमला जोशी, प्रेमलता, अनुका कक्कड़, पूर्व पार्षद सुंदरी कंडवाल, पार्षद माधवी गुप्ता सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
