आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को रोचक बनाने पर मंथन, कार्यकर्त्रियों ने साझा किए अनुभव
चंबा में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में स्कूल पूर्व शिक्षा, भाषा विकास, खेल एवं बाल विकास गतिविधियों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श
चंबा, टिहरी गढ़वाल/01 सितंबर, 2026। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बाल विकास परियोजना चंबा में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के लिए एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल पूर्व शिक्षा के अंतर्गत बच्चों के साथ की जाने वाली गतिविधियों को अधिक प्रभावी, रोचक एवं बाल-केंद्रित बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने के लिए खेल-खेल में सीखने, कविताओं, संवाद और मनोरंजक गतिविधियों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
खेल और गतिविधियों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर
सेमिनार में बच्चों के भाषा विकास, उनके साथ संवाद एवं बातचीत, खेलों के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा विभिन्न गतिविधियों के जरिए सीखने की प्रक्रिया जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यकर्त्रियों ने बताया कि बच्चों को यदि सहज, आनंददायक और भयमुक्त वातावरण में सीखने का अवसर दिया जाए तो उनकी सीखने की क्षमता और सहभागिता दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है। कविताओं और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में भाषा एवं अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने आंगनबाड़ी केंद्रों के उद्देश्यों तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों को उचित वातावरण और सीखने के अवसर उपलब्ध कराने को महत्वपूर्ण बताया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी ममता लेखक ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं संवादात्मक कार्यक्रम आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रश्मि बिष्ट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली तथा हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सेवाओं की जानकारी भी दी।
उन्होंने कार्यकर्त्रियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंद महिलाओं तक उपलब्ध सहायता एवं सेवाओं की जानकारी पहुंचाने में सहयोग करें।
सक्रिय सहभागिता से ज्ञानवर्धक रहा सेमिनार
कार्यक्रम में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से मंजू रावत एवं मुनाजिर हुसैन, मिशन शक्ति से रमेश, नवीन एवं कीर्ति कुमारी सहित सुपरवाइजर एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।
सेमिनार में कार्यकर्त्रियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए बच्चों की स्कूल पूर्व शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए अपने अनुभव, सुझाव और गतिविधियों को साझा किया। कार्यक्रम को प्रारंभिक बाल शिक्षा एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक पहल बताया गया।
