मसीह क्रिश्चियन अस्पताल चंबा को आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजना में शामिल करने की मांग
क्षेत्र के हजारों मरीजों को मिलेगा लाभ, स्थानीय स्तर पर सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत
चंबा/टिहरी गढ़वाल। चंबा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मसीह क्रिश्चियन अस्पताल चंबा को आयुष्मान भारत एवं गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने की मांग उठी है। सामाजिक सरोकारों से जुड़े लेखक एवं पत्रकार सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से इस दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मसीह क्रिश्चियन अस्पताल चंबा क्षेत्र का प्रमुख निजी अस्पताल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग चिकित्सा सेवाओं का लाभ लेते हैं। विशेषकर दुर्घटना एवं आकस्मिक परिस्थितियों में अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सा सेवाएं क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होती हैं।
आयुष्मान सुविधा न होने से मरीजों पर आर्थिक बोझ
सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ का कहना है कि अस्पताल में आयुष्मान एवं गोल्डन कार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार का खर्च स्वयं वहन करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बनती है।
उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल को आयुष्मान एवं गोल्डन कार्ड योजना से जोड़ा जाता है तो क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।
सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधाओं की कमी का असर
उन्होंने कहा कि चंबा के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, सर्जरी तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों जैसी सुविधाओं की कमी के कारण कई गंभीर एवं जटिल मामलों में मरीजों को ऋषिकेश, हरिद्वार या देहरादून के अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है।
दूर के अस्पतालों तक मरीज को ले जाने में न केवल आर्थिक खर्च बढ़ता है, बल्कि मरीज एवं तीमारदार दोनों को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
उन्होंने कहा कि चंबा के साथ-साथ जाखणीधार, जौनपुर, थौलधार, प्रतापनगर और नरेंद्रनगर क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ना व्यापक जनहित में होगा।
36 वर्षों से चिकित्सा सेवा में योगदान
सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने अस्पताल के निदेशक डॉ. राजेश सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विषम परिस्थितियों में चंबा में चिकित्सा सुविधा विकसित करने का कार्य किया।
उनके अनुसार डॉ. राजेश सिंह वर्ष 1990 में चंबा आए और तब से लगातार क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने मसूरी कम्युनिटी हॉस्पिटल में सेवाएं दी थीं।
उन्होंने कहा कि सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के बावजूद अस्पताल में अनेक जटिल मामलों का उपचार किया गया है। उनके सेवा भाव और कर्तव्यनिष्ठा के कारण क्षेत्र के अनेक लोगों को स्थानीय स्तर पर ही चिकित्सा सुविधा मिल सकी है।
आपात स्थिति में भी मिली मरीजों को मदद
उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कुछ वर्ष पूर्व स्थानीय निवासी प्रीतम कैंतुरा के बच्चे की सांस की नली में मूंगफली का दाना फंस गया था। ऐसी आपात स्थिति में डॉ. राजेश सिंह द्वारा तत्काल आवश्यक शल्य चिकित्सा कर बच्चे की जान बचाने का प्रयास किया गया।
उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर सक्षम चिकित्सा संस्थानों की मौजूदगी कितनी महत्वपूर्ण है।
‘आयुष्मान से जुड़ने पर हजारों लोगों को मिलेगा लाभ’
सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने कहा कि टिहरी जनपद लंबे समय से बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता महसूस करता रहा है। ऐसे में चंबा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में उपलब्ध चिकित्सा संस्थानों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़कर आम जनता को राहत दी जा सकती है।
उन्होंने शासन एवं संबंधित विभाग से मांग की कि मसीह क्रिश्चियन अस्पताल चंबा को आयुष्मान भारत एवं गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों एवं शल्य चिकित्सा के दौरान महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
