September 21, 2026

Poem/Stories

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पलायन पर कविता: फिर क्यों पहाड पलायन है? @कवि:सो.ला.सकलानी ‘निशांत’ देखो, गांव कितने सुंदर हैं! कुछ दिन...
हिंसक पशुओं का अंत हो जाए! : कविता  कवि:सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ विश्व में हिंसक पशुओं का...
हमनें जिन्हें वोट दिया है- जिन्हें हमने वोट दिया है, वे भगवान बनेंगे।यदि भगवान नहीं बने तो,...
जब आप वोट मांगने आओगे! देखिए जनाब! यह मेरे उत्तराखंड का विकास। नाम तो बड़ा अच्छा है...
प्लास्टिक पर बैन लगा, अवश्य बड़ा यह कार्य हुआ। कवि निशांत के झोले का, दसकों बाद सम्मान...
यह पुष्प समर्पित उन वीरों को, जो अमर शहीद हुए हैं। करता है राष्ट्र नमन उन्हीं को,...
घूर कर नहीं देखते हैं, भाई! तुम घर-आंगन की शोभा हो। वर्षों से तुमसे नाता- रिश्ता है,...
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