कविता: देखो! वर्षा कहां चली गई! देखो! वर्षा कहां चली गई! ...
Poem/Stories
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पलायन पर कविता: फिर क्यों पहाड पलायन है? @कवि:सो.ला.सकलानी ‘निशांत’ देखो, गांव कितने सुंदर हैं! कुछ दिन...
आंग्ल नववर्ष की मंगलमय शुभकामनाओं के साथ एक कविता, अरे वर्ष के हर्ष! नव वर्ष! तू क्या...
एक कहानी जो हम सबकी है, लगती तो यह है कि किसी विपन्न व्यक्ति की है पर...
हिंसक पशुओं का अंत हो जाए! : कविता कवि:सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ विश्व में हिंसक पशुओं का...
हमनें जिन्हें वोट दिया है- जिन्हें हमने वोट दिया है, वे भगवान बनेंगे।यदि भगवान नहीं बने तो,...
जब आप वोट मांगने आओगे! देखिए जनाब! यह मेरे उत्तराखंड का विकास। नाम तो बड़ा अच्छा है...
कविता- समय से न्याय मिला ना! गर्म तवे से बहू जलायी, सास-ननद ने की हैवानी, मुंह के...
पितृपक्ष पर विशेष: श्रद्धा से किए गए श्राद्ध में पितृगण साक्षात प्रकट होते हैं क्या हुआ जब...
वर्तमान परिवेश में लोकगायक नरेन्द्रसिंह नेगी का जनगीत ‘लोकतंत्र मा’ भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है। एक सच्चा...
खुश होकर जब पेड़ लगाया, क्यों ना खुशी यह देगा ! आने वाले कुछ वर्षों में, हरीतिमा...
प्लास्टिक पर बैन लगा, अवश्य बड़ा यह कार्य हुआ। कवि निशांत के झोले का, दसकों बाद सम्मान...
केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’
June 19, 2022
यह पुष्प समर्पित उन वीरों को, जो अमर शहीद हुए हैं। करता है राष्ट्र नमन उन्हीं को,...
केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’
June 16, 2022
घूर कर नहीं देखते हैं, भाई! तुम घर-आंगन की शोभा हो। वर्षों से तुमसे नाता- रिश्ता है,...
केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’
June 15, 2022
शकुंतला और दुष्यंत की प्रणय कथा पर आधारित है डॉ. डी.एन. भटकोटी की अभिनव काव्य कृति “मालिनी...
केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’
May 25, 2022
अमर शहीद श्रीदेव सुमन जी (जन्म दिवस) व स्व. श्री प्रताप शिखर जी (पुण्यतिथि) पर भावपूर्ण स्मरण अमर...
