जन सुविधा के तहत सिंगल विन्डो सिस्टम के अन्तर्गत निर्धारित 15 दिन की समय सीमा के अन्तर्गत जारी होने वाले ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र लोगों को समय पर न मिलने के फलस्वरूप परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। 15 दिन की समय सीमा बीत जाने के बाबजूद भी लोगों को संबंधित प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण जन सुविधा केन्द्र संचालकों को जनता के कोपभाजन का शिकार होना पड़ रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों में दी गई आधार मशीनें जंग खा रही हैं और आधार अपडेशन व करेक्सन के लिए लोग जगह-जगह भटकने के बाद भी समय पर आधार करेक्सन नहीं करवा पा रहे हैं।
[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, नई टिहरी[/su_highlight]
टिहरी तहसील से जारी होने वाले ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र लोगों तक समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, अनावश्यक आपत्तियों एवं समय पर अग्रसारित न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल ईवा आशीष श्रीवास्तव द्वारा अधिकारियों की बैठक में सभी ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण समय पर जारी करने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन जिलाधिकारी के निर्देशों को धत्ता बता सिंगल विन्डो सिस्टम एक मजाक सा बन गया है। कई लोगों के ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र डिजिटल हस्ताक्षरित भी नहीं आ रहे हैं, जिस कारण लोगों को प्रमाण पत्रों पर हस्ताक्षर करवाने हेतु तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिससे अनावश्यक समय की बरबादी के साथ लोगों को आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी आधार अपडेशन सेंटरों में आधार अपडेशन मशीनें जंग खा रही हैं, इन केन्द्रों पर लोगों को आधार अपडेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। आधार अपडेशन हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को टिहरी व चम्बा के आधार केन्द्रों की शरण लेनी पड़ती है, जहां घण्टों इंतजार के बाद आधार अपडेशन की कार्यवाही पूरी हो पाती है। फिर भी कई बार लोग आधार अपडेशन की कार्यवाही से वंचित रह जाते हैंं, यदि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदत्त आधार अपडेशन सेंटर कार्य करते तो लोगों को चम्बा व नई टिहरी के आधार सेंटरों की शरण में नहीं जाना पड़ता, जिससे समय की बरबादी के साथ लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ न झेलना पड़ता।
राजस्व उप निरीक्षकों द्वारा पूर्व में मोबाइल के द्वारा ही अपनी जांच रिपोर्ट देकर इन प्रमाण पत्रों को अग्रसारित किया जाता था, किन्तु अब नयी व्यवस्था के तहत उन्हें अपनी रिपोर्ट फिजिकल स्कैन कर आख्या प्रस्तुत करनी पड़ रही है, उनके पास राजस्व चौकियों में कम्प्यूटर, स्कैनर आदि की व्यवस्था न होने एवं संसाधन विहीन होने के कारण उन्हें भी रिपोर्ट अपलोड़ करने की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। यदि इस प्रकार की व्यवस्था की जानी थीं तो उससे पूर्व राजस्व चौकियों में संसाधन उपलब्ध करवाये जाने चाहिए थे, जिस कारण आमजन को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकता। यही नहीं जनपद में राजस्व उप निरीक्षकों के पद कई चौकियों में रिक्त होने के कारण भी लोगों के ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र लम्बित जा रहे हैं, एक राजस्व उप निरीक्षक के पास तीन-तीन क्षेत्रों का चार्ज होने से वह पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति के अनुरूप सभी कार्य समय पर सम्पन्न करने में असमर्थ ही साबित होगा। इस हेतु प्रशासन को इस बात पर भी ध्यान देने की प्रबल आवश्यकता है।
स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि ग्रामीणों को समय पर ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र जारी करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आधार अपडेशन केन्द्र संचालित किए जाने की प्रबल मांग की है।
