Lokendra Dutt Joshi
रिपोर्ट: लोकेंद्र दत्त जोशी
घनसाली: दैवीय आपदा की दृष्टि से भिलंगना घाटी अति संवेदनशील है, जहां बादल फटने की हर वर्ष घटनाएं घटित होती रहती। इस सम्बन्ध में हमनें कई बार, बार एसोसिएशन सहित विभिन्न सामाजिक और राजनैतिक संगठनों के साथ मिलकर जिलाधिकारी के माध्यम से अनुरोध किया है कि तहसील घनसाली के घुत्तू और बूढ़ाकेदार में आपदा केंद्र की टुकड़ी वर्षांत के सीजन में तैनात रहे, ताकि आपदा की कठिन घड़ी में बचाव एवम् राहत कार्य समय से हो सके। इसके साथ ही आपदा के समय और पूरे बरसात के समय में दोनों क्षेत्रों के बड़े गाढ़ गढ़ेरों में पक्के पुलों के न होने से और पानी उफान पर होने के कारण, सड़कों पर मोटर वाहन और पैदल आर पार न होने से भी बचाव कार्यों में बड़ी दिक्कतें, प्रशाशन ओर स्थानीय नागरिकों को हमेशा ही होती है। ऐसे में गधेरों पर आवागमन हेतु अलग कम से कम पैदल पुलों को निर्मित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
भिलंगना घाटी के दोनों क्षेत्र, भिलंगना और बाल गंगा घाटी, के बूढ़ा केदार क्षेत्र के दर्जन भर गावं और घुत्तू के गंगी रीह आदि गांव के ग्रामीणों के साथ स्थानीय प्रशासन के लोग भी क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी के न होने से सूचनाओं का आदान प्रदान करने में बड़ी दिक्कतों का सामना करते हैं।प्रशासन से पुनः अनुरोध के साथ उक्त कार्यों को प्राथमिकता के साथ अमल में लाना होगा। ताकि संकट की घड़ी में राहत और बचाव कार्य आसानी से हो सकें।
सामाजिक कार्यकर्ता भजन रावत ने बताया कि भिलंगना ब्लाक के जिला पंचायत क्षेत्र गंगी गांव में 10 अगस्त को बादल फटने से भारी तबाही हुई है, जिसमें लोगों के आवासीय मकान पशु गोशालायें खेत बह गये थे। वहीं 18 किलोमीटर पैदल चलकर समाज सेवी भजन रावत व तहसीलदार श्री राजेन्द्र सिह रावत, श्री लक्ष्मण धनाई, श्री बिरेन्द्र राणा, कानूनगो श्री धनपत लाल, राजस्व उप निरीक्षक श्री सोहन पंवार, श्री राधाकृष्ण, श्री संजय नैगी, पशु चि० अधिकारी डॉ जयवीर सिह ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को शांत्वना देतै हुए नुकशान की धरातलीय रिपोर्ट तैयार की, साथ ही भजन रावत ने जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सीता रावत की ओर से लोगो को ढांढस बढाते हुए हर संभव मद्द का आश्वासन दिया गया।
इसी परिप्रेक्ष्य में गंगी गांव के उन हतप्रभ ग्रामीणों को नुकसान की क्षति पूर्ति हेतु पीडित परिवारों को घनसाली की तहसीलदार के साथ 5 लाख रुपए के चेक वितरित किये गये।
