If we get compensation for our ancestral rights and rights on forests, then we will be the happiest and wealthiest people of the world: Kishore Upadhyay
सरहद का साक्षी,
नई टिहरी: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने वनाधिकार आन्दोलन को समर्थन देने का आग्रह करते हुए कहा कि वनों पर हमारे पुश्तैनी हक़-हकूक़ों व अधिकारों की क्षतिपूर्ति मिल जाय तो हम विश्व के सबसे सुखी और सम्पन्न लोग होंगे।
उत्तराखण्डियों को गिरिजन व अरण्यजन मानते हुए उनके हक-हकूक बहाल किए जांय
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्डियों को गिरिजन व अरण्यजन मानते हुए उनके पुश्तैनी वनाधिकार एवं हक-हकूक बहाल किए जांय। उन्होंने 9 सूत्रीय मांग पत्र में कहा है कि केन्द्र सरकार की सेवाओं में आरक्षण, परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी, प्रतिमाह एक गैस सिलेण्डर व बिजली पानी निःशुल्क, जड़ी-बूटियों पर स्थानीय समुदाय का अधिकार, निःशुल्क शिक्षा व स्वास्थ्य सेवायें, निःशुल्क एक यूनिट आवास बनाने हेतु लकड़ी, बजरी व पत्थर, जंगली जानवरों द्वारा जनहानि पर 25 लाख रुपए क्षतिपूर्ति व परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी दी जाय। इसके अलावा जंगली जानवरों द्वारा फसल क्षति पर पांच हजार रुपए की क्षतिपूर्ति एवं राज्य में अबिलम्ब चकबन्दी की जाय।

उन्होंने कहा कि सरकार से हम अपने हक-हकूक मांग रहे हैं न कि कोई भीख। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने बाल बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए वनाधिकार आंदोलन को सक्रिय समर्थन प्रदान करें।
