नरेंद्रनगर विधानसभा में 2027 की चुनावी जंग के आसार, सुबोध उनियाल और ओम गोपाल रावत के बीच फिर मुकाबले की चर्चा
पांचवीं जीत के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर सकते हैं सुबोध उनियाल, ओम गोपाल रावत भी क्षेत्र में सक्रिय; हिमांशु बिजल्वाण समेत अन्य संभावित दावेदारों से मुकाबला हो सकता है दिलचस्प
नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। आगामी चुनाव में संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वर्तमान कैबिनेट मंत्री एवं विधायक सुबोध उनियाल और पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत के बीच एक बार फिर मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। वहीं, कांग्रेस छोड़ चुके हिमांशु बिजल्वाण के निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और स्वाभिमान मोर्चा के संभावित उम्मीदवार भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, अभी चुनाव में समय है और किसी भी संभावित प्रत्याशी की अंतिम स्थिति संबंधित दलों के फैसले तथा चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
नरेंद्रनगर में सुबोध उनियाल का चुनावी सफर
नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो सुबोध उनियाल चार बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। उन्होंने दो बार कांग्रेस और दो बार भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें यूकेडी के ओम गोपाल रावत से बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
वर्ष 2007 के चुनाव में कांग्रेस के सुबोध उनियाल, भाजपा के लाखीराम जोशी और यूकेडी के ओम गोपाल रावत के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ था। इस चुनाव में ओम गोपाल रावत ने सुबोध उनियाल को महज छह मतों से पराजित कर जीत दर्ज की थी। यह परिणाम क्षेत्र के चुनावी इतिहास के बेहद करीबी मुकाबलों में गिना जाता है।
इसके बाद वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सुबोध उनियाल ने जीत हासिल की। अब आगामी चुनाव में उनके सामने पांचवीं बार विधानसभा पहुंचने की चुनौती होगी।
ओम गोपाल रावत की सक्रियता से मुकाबले की चर्चा
ओम गोपाल रावत वर्ष 2007 में यूकेडी के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और आगे चलकर निर्दलीय तथा पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव मैदान में उतरे।
क्षेत्र में उनकी सक्रियता के बीच आगामी चुनाव में उनके फिर से मैदान में उतरने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। यदि सुबोध उनियाल और ओम गोपाल रावत आमने-सामने आते हैं, तो वर्ष 2007 के बेहद करीबी मुकाबले की यादें एक बार फिर चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि, दोनों नेताओं की उम्मीदवारी और दलगत स्थिति को लेकर अभी अंतिम तस्वीर स्पष्ट नहीं है।
हिमांशु बिजल्वाण के निर्दलीय उतरने की अटकलें
नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस छोड़ चुके हिमांशु बिजल्वाण के संभावित चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चाएं हैं। पहले उनके यूकेडी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उनके निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
यदि वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है। हालांकि, उनकी ओर से चुनाव लड़ने को लेकर औपचारिक घोषणा की पुष्टि अभी नहीं है।
यूकेडी और स्वाभिमान मोर्चा के संभावित चेहरे भी चर्चा में
यूकेडी की ओर से पूर्व प्रत्याशी सरदार सिंह पुंडीर का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। इसके अलावा कर्मयोगी विकास रयाल की उम्मीदवारी की संभावना पर भी चर्चा है। वहीं, स्वाभिमान मोर्चा से जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत के चुनाव मैदान में उतरने की अटकलें भी राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना रही हैं।
इन संभावित दावेदारों की मौजूदगी से चुनावी मुकाबले का स्वरूप बदल सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कौन-कौन चुनाव लड़ेगा और किस दल या संगठन से प्रत्याशी घोषित होगा।
पांचवीं जीत की कोशिश बनाम सत्ता विरोधी माहौल का मुद्दा
वर्तमान विधायक सुबोध उनियाल के सामने अपनी लगातार चुनावी सफलता को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। दूसरी ओर, ओम गोपाल रावत क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटे बताए जा रहे हैं। उनके पक्ष में सत्ता विरोधी माहौल का मुद्दा भी चुनावी चर्चा में उठ सकता है, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव मतदाताओं के रुख और चुनावी परिस्थितियों से ही स्पष्ट होगा।
नरेंद्रनगर में संभावित प्रत्याशियों की संख्या बढ़ने पर मतों का बंटवारा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कांग्रेस, भाजपा, यूकेडी, स्वाभिमान मोर्चा और निर्दलीय दावेदारों की रणनीति आगामी चुनाव के समीकरण तय करने में अहम होगी।
प्रत्याशियों की घोषणा के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
फिलहाल नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। सुबोध उनियाल और ओम गोपाल रावत के बीच संभावित मुकाबले के साथ हिमांशु बिजल्वाण, सरदार सिंह पुंडीर, कर्मयोगी विकास रयाल और पुष्पा रावत जैसे नाम भी चर्चा में हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि चुनाव नजदीक आने के साथ कौन-कौन औपचारिक रूप से मैदान में उतरता है, राजनीतिक दल किसे प्रत्याशी बनाते हैं और स्थानीय मुद्दे किस दिशा में चुनावी माहौल तैयार करते हैं। वर्ष 2027 का चुनाव नरेंद्रनगर में बहुकोणीय मुकाबले का रूप लेगा या मुख्य रूप से दो प्रमुख चेहरों के बीच सिमटेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
