📍अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2025 में शिक्षा मंत्री ने कहा—राज्य में स्मार्ट क्लासेज, बालवाटिका, और कौशल शिक्षा को तेजी से मिल रहा विस्तार
दिल्ली/देहरादून, 29 जुलाई 2025:
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित “अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2025” में भाग लेते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल आधारित शिक्षा को अभूतपूर्व बल मिला है।
डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सबसे पहले NEP-2020 को लागू किया। राज्य के लगभग 4,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘बालवाटिका’ कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज और आधुनिक प्रयोगशालाएं छात्रों को डिजिटल और प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ रही हैं।
उच्च शिक्षा में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट, और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट जैसे आधुनिक शैक्षणिक ढांचे को अपनाया गया है। इससे छात्र प्रमाण पत्र, डिप्लोमा या डिग्री अपनी सुविधानुसार प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. रावत ने कहा कि कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत की गई है, जिसमें कोडिंग, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग जैसे स्किल-आधारित विषयों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक और औद्योगिक संस्थानों के साथ MoU साइन कर नए प्रोफेशनल कोर्सेज शुरू किए हैं।
शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि राज्य का शैक्षणिक वातावरण और अधिक समृद्ध हो सके।
कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षाविद, नीति निर्माता, और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान NEP-2020 की 5वीं वर्षगांठ पर अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर मंथन हुआ।
