[su_highlight background=”#0d1fa3″ color=”#fffcfe”]सरहद का साक्षी[/su_highlight]
[su_dropcap size=”2″]ज[/su_dropcap]नता परेशान, सरकार नाकाम – रोज़गार दो, राहत दो! को लेकर 18 जुलाई सुबह 11 बजे को प्रदेश व्यापी धरना – आप भी जुड़ियेगा!
राज्य के हर जिला और विभिन्न क्षेत्रों में धरना पर बैठ रहे हैं । कोरोना वाइरस महामारी को ध्यान में रखते हुए लोग मास्क पहन कर सामाजिक दुरी के साथ छोटे समूहों में राज्य भर में अलग -अलग जगहों में बैठेंगे।
आप भी धरना मे शामिल हो जाइए! पोस्टर के साथ अपना फोटो सोशल मीडिया पर हैशटैग #सरकारकीज़िम्मेदारी के साथ शेयर कर हमें भी भेज दीजियेगा।
इस संकट काल में केंद्र और राज्य सरकार न सिर्फ लोगों को राहत नहीं दे रही हैं, वे अपना राजस्व वसूली में कहीं एक पैसा कम करने के लिए भी तैयार नहीं हैं। सरकार लोगों को तुरंत राहत दो! मांगे:
– सबको मुफ्त राशन दिया जाये – चाहे उनका राशन कार्ड ऑनलाइन हो या न हो, पुराना हो, या किसी और राज्य का हो।
– हर परिवार को आर्थिक सहायता दिया जाये। ख़ास तौर पर मज़दूर, गाइड, होटल कर्मचारी, ड्राइवर, और अन्य गरीब परिवारों को।
– पानी, बिजली के बिलों, स्कूल फीस में छूट दिया जाये।
– MNREGA को 200 दिन किया जाये और शहरों में भी रोज़गार गारंटी लागू किया जाए।
लोगों को राशन ठीक से नहीं मिल रहा है। उच्चतम न्यायलय का राशन को ले कर दिए गए आदेशों पर अमल नहीं हो रहा है। अधिकांश उत्तराखंडियों को सरकार ने एक पैसे की आर्थिक सहायता नहीं दी है।
पेट्रोल, डीज़ल, बिजली, तेल – सबके दाम बढ़ते जा रहे हैं। सितम्बर 2019 में केंद्र सरकार ने बड़े कॉर्पोरेटों को कर छूट दी थी जिससे सालाना 1.4 लाख करोड़ राजस्व नुक्सान हुआ है। उनसे कर लेने के बजाय सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर करों को बड़ा रही है। 2014 में केंद्र को हर लीटर पेट्रोल पर 9.48 रूपए कर मिलता था, जबकि अभी केंद्र सरकार हर लीटर पेट्रोल पर 32.90 रूपए कर ले रही है। इस संकट काल में आम लोगों से राजस्व वसूली जा रहा है।
इसलिए राज्य भर में लोग अपनी आवाज़ उठा रहे हैं।
#सरकारकीज़िम्मेदारी यह चुप बैठने का वक्त नहीं है…
जन हस्तक्षेप
*वनाधिकार आन्दोलन और मैं समर्थन करते हैं।*
किशोर उपाध्याय
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
