वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि रोकथाम और जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने ग्रामीणों को किया जागरूक
सकलाना रेंज के सत्यों (चौकलिया) में जागरूकता गोष्ठी आयोजित, अधिकारियों ने बताया पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता का महत्व
थत्यूड़/सकलाना। जौनपुर ब्लॉक के सकलाना क्षेत्र के सत्यों (चौकलिया) में वन विभाग की सकलाना रेंज की ओर से वन एवं वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि की रोकथाम और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया।
वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी: प्यार चंद रमोला
गोष्ठी में अनुभाग अधिकारी प्यार चंद रमोला ने ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण और वनाग्नि से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वनों को आग से बचाना और वन्यजीवों का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन सुरक्षित रहेंगे, तभी पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने तथा वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने पर दिया जोर
वन बीट अधिकारी हीरा सिंह पंवार ने प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में विलुप्त होते जा रहे जलस्रोतों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने ग्रामीणों को प्राकृतिक जलधाराओं और पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता जरूरी: अनिल हटवाल
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल हटवाल ने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। वन एवं वन्यजीवों का संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य और जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। गोष्ठी में प्रदीप नेगी, सुनीता पंवार, रोहित, केंद्र सिंह, रमेश, श्रीमती शौकिना देवी, रखी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
