जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक, परीक्षार्थियों ने सीधे एसआईटी के समक्ष रखीं अपनी शंकाएँ, साइबर टीम भी जांच में शामिल।
टिहरी/29 सितम्बर 2025। उत्तराखंड में स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा-2025 प्रश्नपत्र लीक प्रकरण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की ओर से जन संवाद बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने की।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य अभ्यर्थियों की शंकाओं और सवालों का सीधे तौर पर समाधान करना था। इस दौरान परीक्षा में शामिल हुए एक अभ्यर्थी तथा आगामी परीक्षा में बैठने वाले एक परीक्षार्थी ने अपनी-अपनी चिंताएँ और प्रश्न खुले मंच से एसआईटी टीम के सामने रखे।
अभ्यर्थियों की शंकाएँ और एसआईटी का जवाब
बैठक में सबसे अधिक चर्चा परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था और भ्रामक खबरों को लेकर रही। पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी ने स्पष्ट किया कि ‘‘4जी/5जी जामर‘‘ और ‘‘नीली चेयर‘‘ जैसी चर्चित अफवाहों को भी गंभीरता से जांच के दायरे में लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में साइबर विभाग को भी शामिल किया गया है, ताकि किसी भी संदेह की गुंजाइश न बचे। साथ ही परीक्षार्थियों और आम जनता से अपील की गई है कि यदि उनके पास कोई महत्वपूर्ण सूचना या शंका हो तो वे बेझिझक एसआईटी से संपर्क करें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9027083022 और ई-मेल spdehatddn@gmail.com उपलब्ध कराए गए हैं।
जिलाधिकारी का आश्वासन
बैठक की अध्यक्षता कर रही जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि यह मामला राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए किसी भी स्तर पर समझौता किए बिना, निष्पक्षता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने परीक्षार्थियों को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में एसआईटी की ओर से सीओ डालनवाला अंकित कंडारी, अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार, एसडीएम संदीप और सीओ ओशिन जोशी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परीक्षार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी हर शंका की जांच की जाएगी।
Editorial Viewpoint
इस बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकार और प्रशासन इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएँ युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गहरा असर डालती हैं। टिहरी में आयोजित यह जन संवाद बैठक सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं बल्कि पारदर्शिता और विश्वास बहाली की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।
यदि एसआईटी इसी तरह अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करती रही तो इससे न केवल जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी बल्कि परीक्षार्थियों का विश्वास भी मजबूत होगा। अब देखना यह है कि जांच के नतीजे कब तक सामने आते हैं और दोषियों पर कितनी कठोर कार्रवाई होती है।
