नई टिहरी मॉडल हाउस में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का चौथा दिन
नई टिहरी मॉडल हाउस में कथा श्रवण का आज भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। अनेक पुराण प्रसिद्ध कथाओं के अलावा महाभारत महाकाव्य मे उद्धरित अनेक रोचक कथाओं को परम आदरणीय व्यास जी श्री लोहिताक्ष देव थपलियाल जी के मुखारविंद से श्रवण किया। आज भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव भी था। करवा चौथ का व्रत होने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष कथा श्रवण के लिए आए।
[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी @सोमवारी लाल सकलानी, निशांत[/su_highlight]
यूं तो महाभारत पुराण में अनेकों कथाएं, लघु कथाएं श्रवण करने पर समय-समय पर अवसर प्राप्त हुआ। व्यास श्री लोहिताक्ष देव थपलियाल जी की वाणी से अनेकों बार कथा श्रवण का आनंद लिया। श्री लोहिताक्ष देव थपलियाल जी के मुखारविंद से कथा सुनना कुछ और ही असीम आनंद की प्राप्ति देता है।

ज्ञान के साथ-साथ सत् चित और आनंद का सुंदर समन्वय, रोचक कथाओं के श्रवण करने पर मिलता है। पांडित्य प्रदर्शन से दूर आदरणीय व्यास जी के मुख से बहुत ही सरल और लोक भाषा में कथा का वाचन किया जाता है जो अनुकरणीय और प्रशंसनीय है।
करवा चौथ का व्रत होने के कारण यद्यपि आज इतनी भीड़ पंडाल में नहीं थी फिर भी लोगों ने कथा का श्रवण किया और यह ज्ञान यज्ञ में बैठकर अनेकों रोचक कथाएं सुनी।अजामिल, महर्षि दधीचि, वृत्तासुर आदि की कथाओं का आनंद लिया।
कथा श्रोताओं में कैप्टन रतूड़ी, जिला पूर्व सैनिक संगठन के संरक्षक इंद्र सिंह नेगी, कांग्रेस के नेता श्री राजेंद्र डोभाल, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्री उपेंद्र सकलानी आदि सम्मिलित हुए। कथा के आयोजक श्री भगतराम डोभाल, श्री कुलानंद डोभाल, श्री सिद्धानंद डोभाल और बुद्धि प्रसाद डोभाल के अलावा अनेकों नाते- रिश्तेदार और बंधु- बांधव पूर्ण रूप से महायज्ञ में समर्पित भाव से स़ंलग्न हैं। श्री जगदीश प्रसाद डोभाल और अनेकों डोभाल बंधु इस महायज्ञ में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
कुल पुरोहित श्री रामलाल उनियाल, श्री भास्कर उनियाल, श्री कुशलानंद उनियाल, श्री रोशनलाल उनियाल के अलावा कीर्तन मंडली के द्वारा की इस महायज्ञ की गरिमा बढाई जा रही है।
मैं यह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आयोजकों, परम आदरणीय व्यास जी, सम आदरणीय पुरोहित वर्ग को नमन करते हुए सम्मानित श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए, आशा करता हूं कि वे इस महा पुराण ज्ञान यज्ञ का आनंद लें। मास्क पहन कर आएं। शारीरिक दूरी बनाए रखें और प्रभु के चरणों में समर्पित भाव होकर रोज कथा का आनंद लें। इस ज्ञान कथा महायज्ञ का आयोजन मेरे पुफेरे भाइयों के द्वारा किया जा रहा है इसलिए यह मेरे लिए भी गौरव की भी बात है।
