उत्तराखंड में हर ब्लॉक में लगेगी अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए 6 माह में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
चिकित्सा इकाइयों में तैनात होंगे रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियन, ब्लॉक स्तर पर मिलेगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
देहरादून | 07 मार्च 2026।
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा मिल सके।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि छह माह के भीतर सभी ब्लॉकों में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया जाए। इसके साथ ही चिकित्सा इकाइयों में रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
ब्लॉक स्तर पर मिलेगी आधुनिक जांच सुविधा
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आम लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक स्तर पर अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे उप जिला चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन मशीनों की स्थापना के लिए प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजें।
प्रदेश में वर्तमान स्थिति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 84 एक्स-रे मशीनें और 47 अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं।
- अल्मोड़ा और नैनीताल में 8-8 एक्स-रे मशीनें
- बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चम्पावत में 3-3
- चमोली, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में 7-7
- देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी में 6-6
- पौड़ी में 11
- टिहरी के विभिन्न विकासखंडों में 9 एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं।
इसी प्रकार अल्ट्रासाउंड मशीनों की उपलब्धता भी विभिन्न जिलों में अलग-अलग है।
जिन क्षेत्रों में नहीं हैं मशीनें, वहां दी जाएगी प्राथमिकता
डॉ. रावत ने बताया कि जिन क्षेत्रों में अभी तक अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर इन्हें स्थापित किया जाएगा।
- चमोली के देवाल, घेस, नंदप्रयाग और थराली
- देहरादून के चकराता और कालसी
- हरिद्वार के बहदराबाद, भगवानपुर, खानपुर, लक्सर और नारसन
इसके अलावा पौड़ी जनपद के कई विकासखंडों में भी नई मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
चिकित्सा इकाइयों में तैनात होंगे विशेषज्ञ
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल मशीनें उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इनके संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती भी की जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी तथा उन्हें बड़े शहरों तक जाने की आवश्यकता भी कम होगी।

