मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून व ऋषिकेश में ICU सहित विशेष बेड आरक्षित, धराली क्षेत्र में तीन मनोचिकित्सक भेजे गए, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर धराली आपदा राहत में जुटा स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन; देहरादून-ऋषिकेश में ICU बेड आरक्षित, मनोचिकित्सक तैनात; टिहरी प्रशासन ने भेजे 1000 ड्राई राशन पैकेट
धराली/उत्तरकाशी/टिहरी /देहरादून, 06 अगस्त 2025
उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न आपदा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को पूर्ण अलर्ट मोड में ला दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं को आपदा प्रबंधन के अनुरूप तत्काल सक्रिय किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्रों से आने वाले घायलों को त्वरित और उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।
🏥 आरक्षित चिकित्सा व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
🔹 दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, देहरादून
- 150 जनरल बेड
- 50 ICU बेड
🔹 कोरोनेशन जिला चिकित्सालय, देहरादून
- 80 जनरल बेड
- 20 ICU बेड
🔹 एम्स, ऋषिकेश
- 50 जनरल बेड
- 20 ICU बेड
इन चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और आवश्यक दवाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
🧠 मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यानआपदा से प्रभावित नागरिकों में तनाव, भय और अवसाद की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, तीन अनुभवी मनोचिकित्सकों की टीम धराली भेजी गई है जो स्थानीय प्रशासन के समन्वय में राहत शिविरों में जाकर काउंसलिंग सेवाएं देंगी।
यह पहल आपदा के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लोगों को मानसिक रूप से सशक्त किया जा सके।
🚑 CMO और आपदा स्वास्थ्य टीमें अलर्ट मोड में
राज्य के सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त, 108 एम्बुलेंस सेवा को 24×7 एक्टिव मोड में तैनात किया गया है। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील समय में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग हर परिस्थिति के लिए तैयार है।”
📰 संवेदनशील समय में सक्रिय उत्तराखंड सरकार की राहत व्यवस्था:
धराली/उत्तरकाशी/टिहरी, 06 अगस्त 2025
उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में 5 अगस्त को हुई भीषण आपदा के बाद उत्तराखंड सरकार ने आपातकालीन राहत और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को युद्धस्तर पर सक्रिय किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और टिहरी जिला प्रशासन दोनों अलर्ट मोड पर कार्य कर रहे हैं।
🧠 मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष पहल
आपदा के मानसिक प्रभावों को देखते हुए धराली क्षेत्र में तीन अनुभवी मनोचिकित्सकों की टीम भेजी गई है। यह टीम राहत शिविरों में कार्य करते हुए ज़रूरतमंदों को काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगी।
🚨 108 एम्बुलेंस सेवा एक्टिव मोड में
राज्य के सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) तथा आपदा स्वास्थ्य टीमें अलर्ट पर हैं। 108 एम्बुलेंस सेवाएं 24×7 तत्परता में रखी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं:
“एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।”
📦 टिहरी प्रशासन ने भेजी राहत सामग्री
धराली आपदा राहत कार्यों के तहत आज बुधवार को टिहरी जिलाधिकारी श्रीमती नितिका खण्डेलवाल के आदेशानुसार टिहरी प्रशासन द्वारा उत्तरकाशी के लिए राहत सामग्री भेजी गई। यह कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में किया गया।
राहत सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
- कुल 1000 पैकेट ड्राई राशन
- सामग्री में शामिल हैं: बिस्कुट, भुना चना, नमकीन, फ्रूटी, पानी की बोतलें आदि
यह सामग्री उत्तरकाशी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सुपुर्द की गई, जो प्रभावित क्षेत्र तक शीघ्र पहुंचाई जाएगी। टिहरी प्रशासन ने राज्य सरकार की “संकट में सहयोग” नीति के तहत हरसंभव सहायता का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर एडीएम टिहरी अवधेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
🤝 सरकार की सजगता और सहयोग की मिसाल
उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित कदम—चाहे ICU सुविधा हो, मानसिक स्वास्थ्य की चिंता हो या ज़रूरी राहत सामग्री—आपदा प्रबंधन में एक संगठित और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश करते हैं।

