नकोट पीएचसी की बदहाल व्यवस्थाओं का मुद्दा स्वास्थ्य मंत्री के सामने, प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
प्रसव कक्ष में स्टाफ की तैनाती, चिकित्सक एवं चालक की व्यवस्था, जनरेटर और CCTV सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग; स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ टिहरी को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
नकोट/गजा, टिहरी गढ़वाल, 10 अगस्त 2026।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नकोट की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर न्याय पंचायत नकोट क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर पंचायत गजा में उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को पीएचसी नकोट में व्याप्त विभिन्न व्यवस्थागत समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा कि ग्राम नकोट एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नकोट महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यहां आवश्यक सुविधाओं और कर्मचारियों की कमी के कारण क्षेत्रवासियों को समुचित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, आकस्मिक चिकित्सा और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रसव कक्ष तो बना, लेकिन आवश्यक स्टाफ की तैनाती नहीं
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नकोट में प्रसव कक्ष (Maternity Ward) का निर्माण किया गया है, लेकिन वहां आवश्यक स्टाफ की तैनाती नहीं होने से इसका अपेक्षित लाभ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रसव कक्ष में आवश्यक चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ की शीघ्र तैनाती की जाए, ताकि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें और उन्हें अनावश्यक रूप से अन्य स्वास्थ्य केंद्रों या उच्च चिकित्सा संस्थानों का रुख न करना पड़े।
चिकित्सक के साथ चालक की व्यवस्था की भी उठी मांग
ज्ञापन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नकोट में चिकित्सक की उपलब्धता के साथ वाहन चालक की तैनाती की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में वाहन उपलब्ध होने के बावजूद चालक की व्यवस्था नहीं होने से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उच्च केंद्र तक पहुंचाने में परेशानी होती है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए वाहन और प्रशिक्षित चालक की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए स्वास्थ्य केंद्र में चालक की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा सके।
जनरेटर की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जनरेटर (पावर बैकअप) की व्यवस्था का मुद्दा भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखा। ज्ञापन में कहा गया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर अस्पताल का कामकाज प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में प्रभावी विद्युत बैकअप व्यवस्था जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल ने जनरेटर की व्यवस्था को सुचारु एवं कार्यशील बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की।
अस्पताल परिसर में CCTV कैमरे लगाने की मांग
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिनिधिमंडल ने CCTV कैमरे लगाए जाने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार अस्पताल परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से CCTV कैमरों की व्यवस्था होने से अस्पताल की गतिविधियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर उचित निगरानी रखी जा सकेगी तथा मरीजों एवं तीमारदारों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ टिहरी को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, टिहरी गढ़वाल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर समस्याओं के त्वरित समाधान की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप पर आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि पीएचसी नकोट की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार होगा और क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मेडिकल कॉलेज पलाम पिफल्टी के प्रस्ताव को लेकर जताया आभार
भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल कॉलेज पलाम पिफल्टी के प्रस्ताव को शासन स्तर पर अग्रसारित किए जाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का आभार भी व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस प्रस्ताव के आगे बढ़ने से क्षेत्र में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की उम्मीद जगी है।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि मेडिकल कॉलेज की पहल भविष्य में टिहरी गढ़वाल के साथ-साथ आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का आधार बनेगी।
इन मांगों पर दिया जोर
प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्य रूप से निम्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई—
- पीएचसी नकोट के प्रसव कक्ष में आवश्यक स्टाफ की तैनाती।
- स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक एवं अन्य आवश्यक कार्मिकों की उपलब्धता।
- अस्पताल वाहन के लिए नियमित चालक की व्यवस्था।
- जनरेटर एवं विद्युत बैकअप व्यवस्था को सुचारु करना।
- अस्पताल परिसर में CCTV कैमरों की स्थापना।
- मरीजों को आवश्यक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना।
- आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करना।
जनप्रतिनिधियों ने जताई उम्मीद
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नकोट एवं आसपास के अनेक गांवों की बड़ी आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नकोट पर निर्भर है। ऐसे में यहां चिकित्सक, स्टाफ, वाहन, प्रसव सेवाएं, विद्युत बैकअप और सुरक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए त्वरित कार्रवाई के आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि यदि इन व्यवस्थाओं में सुधार होता है तो नकोट सहित मखलोगी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल में फिपल्टी पलाम मेडिकल कालेज संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत, साधन सहकारी समिति नकोट तुंगोली के सभापति दिलवीर मखलोगा, समाजसेवी परमानंद बिजल्वाण, पूर्व सैनिक भूपेंद्र धनोला, समाजसेवी मानवेंद्र बिष्ट, छाती फैगुल क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल कुट्टी एवं समाजसेवी रमेश बेलवाल शामिल रहे।
