फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले सहायक प्रोफेसर बर्खास्त, उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
बिथ्याणी महाविद्यालय में इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवाएं समाप्त, विश्वविद्यालय सत्यापन में मिले जाली अंक प्रमाण पत्र
देहरादून, 29 मई 2026, SKS News।
उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी, यमकेश्वर में इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात डॉ. उमेश त्यागी को विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्त कर दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार डॉ. उमेश त्यागी की नियुक्ति राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में कला संकाय के अंतर्गत इतिहास विषय के सहायक प्रोफेसर के पद पर हुई थी। नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए उनके शैक्षणिक दस्तावेजों की सत्यता को लेकर विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई गई।
जांच के दौरान डॉ. त्यागी द्वारा प्रस्तुत बी.ए. प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की अंकतालिकाओं में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। विभाग ने संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन Chaudhary Charan Singh University से कराया। सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि प्रस्तुत अंक प्रमाण पत्र और विश्वविद्यालय के आधिकारिक अभिलेखों में कोई मेल नहीं है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जांच प्रक्रिया के दौरान डॉ. त्यागी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन वे अपने दस्तावेजों के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत सेवा समाप्ति का प्रस्ताव तैयार किया गया।
प्रस्ताव को उच्च शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे उन्होंने अनुमोदित कर दिया। मंत्री की स्वीकृति के बाद संबंधित शिक्षक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता या कूटरचित दस्तावेजों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की गरिमा और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का छल स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। – डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
