बिना अनुमति श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित करने पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की बड़ी कार्रवाई
Big Breaking: निजी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति, श्रम प्रवर्तन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश; सचिव श्रम विभाग को भेजी विस्तृत रिपोर्ट
टिहरी गढ़वाल, 06 अगस्त 2026 | SKS News
जनपद टिहरी गढ़वाल में उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम पर बिना सक्षम स्वीकृति आयोजित किए गए श्रमिक कल्याण शिविर के मामले में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए सचिव, श्रम विभाग, उत्तराखंड शासन को विस्तृत पत्र भेजकर संबंधित निजी फर्म (Vendor) के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
बिना अनुमति लगाया गया था शिविर
जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित निजी फर्म द्वारा 2 अगस्त 2026 को श्रमिक कल्याण शिविर का आयोजन किया गया, जबकि इसके लिए न तो सक्षम स्तर से अनुमति ली गई थी और न ही जिला प्रशासन अथवा श्रम विभाग से कोई स्वीकृति प्राप्त की गई थी।
शिविर में श्रमिकों को किट वितरण की व्यवस्था भी अव्यवस्थित रही, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
भ्रामक सूचना से बौराड़ी स्टेडियम में जुटी भीड़
प्रशासन के अनुसार, भ्रामक सूचनाओं के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक बौराड़ी स्टेडियम पहुंच गए। उचित व्यवस्था न होने से श्रमिकों एवं आमजन में असंतोष फैल गया और मौके पर कानून एवं व्यवस्था (Law & Order) की स्थिति उत्पन्न हो गई।
एसडीएम जांच में कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट की संस्तुति
घटना की जांच उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता से कराई गई। जांच रिपोर्ट में संबंधित निजी फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा उसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की संस्तुति की गई है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी का वेतन रोका गया
जिलाधिकारी ने जनपद में श्रम विभाग के कार्यों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर भी नाराजगी जताई। श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा संतोषजनक कार्रवाई न किए जाने पर उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अब न्याय पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर
जिलाधिकारी ने शासन को सुझाव दिया है कि भविष्य में श्रमिक कल्याण शिविर जिला प्रशासन के समन्वय से न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएं। शिविरों की पूर्व सूचना ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से पहुंच सके।
बिना अनुमति अब नहीं लगेगा कोई शिविर
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में श्रमिक कल्याण से संबंधित किसी भी शिविर का आयोजन केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति तथा जिला प्रशासन के समन्वय से ही किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं पात्र श्रमिकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
जनपद के पंजीकृत श्रमिकों ने जिलाधिकारी की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए अपेक्षा जताई कि भविष्य में दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर नियमित शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभान्वित किया जाए।
