भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य तेज करें: डीएम नितिका खंडेलवाल
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में निजी भूमि पर खुदाई, सड़क स्थायीकरण, पेयजल, पशुधन और पुनर्वास के मामलों की समीक्षा
टिहरी गढ़वाल, 18 अगस्त 2026। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन, पेयजल, सड़क, पशुधन और पुनर्वास से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उनियाल-कद्दूखाल भूस्खलन मामले में नोटिस के निर्देश
धनोल्टी क्षेत्र के ग्राम उनियाल, कद्दूखाल के समीप हुए भूस्खलन के मामले में एसडीएम कमलेश मेहता ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र की अधिकांश भूमि निजी है, जबकि इसका एक छोटा हिस्सा सरकारी भूमि के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि निजी व्यक्ति द्वारा की गई खुदाई के कारण भूमि में अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हुई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित निजी व्यक्ति को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थल की जांच और आवश्यक अनुमति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भू-वैज्ञानिक, लोनिवि और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिशासी अभियंता लोनिवि थत्यूड़ को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवश्यक लैंड स्टेबिलाइजेशन कार्य कराने के निर्देश भी दिए।
नई टिहरी भूस्खलन और हर घर जल योजना की समीक्षा
बैठक में सी-ब्लॉक नई टिहरी में हुए भूस्खलन से संबंधित मामले की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही जल संस्थान से संबंधित हर घर जल के प्रकरणों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने पेयजल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में समुचित और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़कों के स्थायीकरण कार्यों पर चर्चा
बैठक में पीएमजीएसवाई के सतेगल मोटर मार्ग तथा जौनपुर क्षेत्र के किलोमीटर 1 और 6 में स्थित मरोड़ा-बनाली-कुंड मोटर मार्ग के स्थायीकरण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपदा प्रभावित एवं संवेदनशील सड़क क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा एवं स्थायीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
चेनलाइजेशन कार्यों के भुगतान पर दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने चेनलाइजेशन कार्य वाले क्षेत्रों में कार्य पूरा होने के बाद सत्यापित लॉगबुक के आधार पर ही ईंधन व्यय का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और अभिलेखों की सत्यता सुनिश्चित करने को कहा।
मॉर्चरी वैन का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश
सीएमओ डॉ. राम टिहरी ने आपदा के दौरान उपयोग में आने वाली मॉर्चरी वैन के संबंध में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने मॉर्चरी वैन के लिए आवश्यक एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनपद में उपलब्ध मॉर्चरी वैन की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति और वे किस स्थान पर उपलब्ध हैं, इसकी विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत करने को कहा, ताकि आपदा के समय आवश्यक व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जा सके।
सभी विकासखंडों में कैटल कैचर की व्यवस्था के निर्देश
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने बताया कि सभी विकासखंडों एवं नगर निकायों में कैटल कैचर की व्यवस्था किया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में नरेंद्रनगर और मुनिकीरेती में कैटल कैचर उपलब्ध हैं।
जिलाधिकारी ने शेष विकासखंडों में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर कैटल कैचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवारा पशुओं से संबंधित समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके।
आपदा प्रबंधन को लेकर विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से जुड़े सभी मामलों में विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन एवं अन्य आपदा जोखिमों को देखते हुए आवश्यक पूर्व तैयारी और स्थायी समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, पुनर्वास विभाग से राकेश थपलियाल सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
