राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘दीक्षारम्भ’ कार्यक्रम आयोजित
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, करियर, उद्यमिता और रोजगारपरक शिक्षा की दी गई जानकारी; 72 छात्र-छात्राओं ने किया प्रतिभाग
पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल। राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास, पैठाणी में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रमीय तथा रोजगारपरक गतिविधियों से परिचित कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत ‘दीक्षारम्भ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ. कुमार गौरव जैन की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित हुआ। महाविद्यालय की आईक्यूएसी सेल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, करियर काउंसलिंग, देवभूमि उद्यमिता, नमामि गंगे, रेडक्रॉस सोसायटी तथा मतदाता जागरूकता (स्वीप) सहित विभिन्न गतिविधियों का समन्वय किया गया। कार्यक्रम में करीब 72 नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के साथ प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
अनुशासन और ईमानदारी से शिक्षा ग्रहण करने का आह्वान
महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. प्रकाश फोंदणी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम का संचालन किया। प्रभारी प्राचार्य डॉ. कुमार गौरव जैन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में अनुशासन एवं ईमानदारी के साथ शिक्षा ग्रहण करना विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमों और महाविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी
कार्यक्रम संयोजक डॉ. दिनेश रावत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया के नियमों तथा महाविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
महाविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत बीबीए, बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, फूड टेक्नोलॉजी एवं नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी तथा नियमित पाठ्यक्रमों में बॉटनी, जूलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स एवं मैथ्स प्रमुख हैं।
सहायक प्रोफेसर डॉ. कामिका चौधरी ने कंप्यूटर साइंस विभाग की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप ज्ञान, कौशल, नवाचार, रोजगारपरकता एवं समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित किया।
‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का संदेश
डॉ. पुनीत चंद्र वर्मा ने विद्यार्थियों को देवभूमि उद्यमिता योजना में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता के माध्यम से युवा केवल ‘जॉब सीकर’ बनने के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बन सकते हैं। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी, एनसीसी एवं रक्तदान शिविरों से संबंधित गतिविधियों की भी जानकारी दी।
डॉ. सतवीर ने बीसीए विभाग एवं आईक्यूएसी सेल की गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ. उर्वशी ने छात्र-छात्राओं से राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ने का आह्वान करते हुए आपदा प्रबंधन एवं ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसे विषयों पर जानकारी दी।
डॉ. खिलाप सिंह ने नमामि गंगे एवं एंटी-ड्रग अभियान के तहत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं डॉ. आलोक कंडारी ने भौतिक विज्ञान विषय के साथ-साथ समर्थ पोर्टल एवं महाविद्यालय से संबंधित विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं एवं सेवाओं के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया।
छात्रवृत्ति, स्वीप और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
डॉ. प्रकाश फोंदणी ने बॉटनी विभाग का परिचय देते हुए उच्च शिक्षा विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को दी। उन्होंने छात्रवृत्ति, निर्वाचन एवं स्वीप कार्यक्रम, वार्षिक पत्रिका तथा मीडिया की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. कल्पना रावत ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ करियर काउंसलिंग के महत्व से अवगत कराया तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
स्वतंत्रता दिवस एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुई क्विज प्रतियोगिता
कार्यक्रम के समापन चरण में करियर काउंसलिंग के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए स्वतंत्रता दिवस एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। ‘दीक्षारम्भ’ कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ उद्यमिता, रोजगार, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों की व्यापक जानकारी प्राप्त हुई।
