लखवाड़ जलविद्युत परियोजना क्षेत्र में 6 माह के लिए धारा 163 लागू, धरना-प्रदर्शन और अनधिकृत प्रवेश पर प्रतिबंध
उप जिला मजिस्ट्रेट धनोल्टी नीलू चावला का आदेश, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परियोजना कार्यों को निर्बाध जारी रखने के लिए उठाया गया कदम
टिहरी गढ़वाल, 31 मई 2026, SKS News।
लखवाड़ बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना (300 मेगावाट) क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उप जिला मजिस्ट्रेट धनोल्टी नीलू चावला द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी छह माह तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा संभावित धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, मार्ग अवरोध तथा परियोजना कार्यस्थलों पर अनधिकृत प्रवेश की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य परियोजना क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखना है।
500 मीटर परिधि में लागू रहेगा प्रतिबंध
आदेश के तहत लखवाड़ परियोजना के सभी कार्यस्थलों से 500 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। इसके अतिरिक्त बिना पूर्व अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस निकालना, नारेबाजी करना तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करना प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने हथियार, विस्फोटक अथवा ज्वलनशील पदार्थों के साथ क्षेत्र में प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
परियोजना परिसरों में अनधिकृत प्रवेश वर्जित
निषेधाज्ञा के अंतर्गत परियोजना स्थल, कार्यालय, आवासीय परिसर, निर्माण क्षेत्र एवं अन्य संवेदनशील स्थलों में अनधिकृत प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। आदेश में परियोजना की मशीनरी, वाहनों, सरकारी संपत्तियों एवं निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचाने अथवा बाधित करने वाले कृत्यों पर भी सख्त रोक लगाई गई है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य किसी माध्यम से भड़काऊ, भ्रामक अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री का प्रसारण भी प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों को दी गई आवश्यक छूट
आदेश में स्थानीय निवासियों को उनके दैनिक जीवन एवं कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आवाजाही की अनुमति प्रदान की गई है। हालांकि उन्हें प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
उप जिला मजिस्ट्रेट नीलू चावला ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी नागरिकों, संगठनों एवं संबंधित पक्षों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की है।
