सीवरेज एवं एसटीपी परियोजनाओं की जिला गंगा समिति की बैठक में समीक्षा, 300 केएलडी एसटीपी का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने गंगा संरक्षण कार्यों में तेजी लाने, होटलों में एसटीपी/ईटीपी की जांच और नगर निकायों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
टिहरी गढ़वाल, 30 जुलाई 2026।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित एवं निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), गंगा संरक्षण तथा स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
8 एमएलडी एसटीपी प्लांट का निर्माण पूरा, उपचार कार्य शुरू
बैठक में अधीक्षण अभियंता वी.के. सिंह ने जनपद में संचालित एवं निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
सहायक अभियंता, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) धर्मेंद्र प्रसाद कुकरेती ने बताया कि ऋषिकेश-ढालवाला स्थित 8 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में प्लांट में सीवर जल का उपचार सुचारु रूप से किया जा रहा है।
300 केएलडी एसटीपी का कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश
बैठक में 300 केएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट के निर्माण में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर एवं परियोजना प्रबंधक, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को आपसी समन्वय से बैठक आयोजित कर सभी अवरोध दूर करने तथा निर्माण कार्य शीघ्र पुनः प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परियोजना में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और गंगा संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
नगर निकायों से मांगी विस्तृत जानकारी
जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में—
- सीवर लाइन से जुड़े भवनों एवं आवासों की सूची,
- सेप्टेज मैनेजमेंट के लिए पंजीकृत वाहनों की जानकारी,
- अधिकृत वेंडरों की सूची
अगली जिला गंगा समिति की बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
20 से अधिक कमरों वाले होटलों की होगी जांच
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में 20 या उससे अधिक कमरों वाले सभी होटल एवं बड़े प्रतिष्ठानों में एसटीपी (Sewage Treatment Plant) अथवा ईटीपी (Effluent Treatment Plant) स्थापित हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है।
तपोवन एसटीपी एनजीटी मानकों पर खरा
अधिशासी अभियंता अजय कुमाऊ ने बैठक में बताया कि तपोवन स्थित 3.5 एमएलडी एसटीपी वर्तमान में सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्लांट की रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। साथ ही गंगा पल्स पोर्टल पर उपलब्ध इनलेट एवं आउटलेट जल गुणवत्ता का डेटा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप है।
समयबद्ध रूप से पूरी हों परियोजनाएं
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि गंगा संरक्षण, सीवरेज प्रबंधन एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
बैठक में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रशांत भारद्वाज, जिला गंगा समिति के अरुण उनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
