📰 अजैविक कूड़ा संग्रह कर वनाग्नि रोकथाम व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
चम्बा, टिहरी गढ़वाल | रिपोर्ट : सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
वन क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर वन विभाग द्वारा एक सराहनीय पहल की जा रही है। विभाग की ओर से सड़कों के किनारे, गांवों के समीप तथा शहरी क्षेत्रों के नजदीक लोहे की बड़ी-बड़ी डस्टबिन स्थापित की जा रही हैं, ताकि आमजन अजैविक कूड़े को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर डाल सकें।
वन विभाग की इस मुहिम को स्थानीय स्तर पर व्यापक सराहना मिल रही है और इसे वनाग्नि की रोकथाम के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।
🌳 प्लास्टिक कचरा बना रहता है जंगलों के लिए बड़ा खतरा
अक्सर देखने में आता है कि लोग सड़क पर चलते समय पॉलीथिन, प्लास्टिक उत्पाद व अन्य अजैविक कचरा सड़कों या जंगलों में फेंक देते हैं। यही कचरा फायर सीजन के दौरान वनाग्नि का बड़ा कारण बनता है।
वन विभाग द्वारा लगाए जा रहे डस्टबिन से
- मुसाफिरों को कूड़ा डालने का सुरक्षित विकल्प मिलेगा
- गांवों व शहरों के नजदीक रहने वाले लोग अजैविक कचरा एकत्रित कर सकेंगे
- जंगलों में कचरा फैलने और आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा
♻️ नियमित सफाई और वैज्ञानिक निस्तारण
वन विभाग द्वारा न केवल डस्टबिन लगाए जा रहे हैं, बल्कि
- उनकी नियमित सफाई की जा रही है
- एकत्रित अजैविक कूड़े को थैलों में भरकर नियत निस्तारण स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है
इससे पारिस्थितिकी संतुलन, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
🌲 नरेंद्रनगर वन प्रभाग की सक्रिय भूमिका
विशेष रूप से नरेंद्रनगर वन प्रभाग,
सकलाना रेंज एवं सुरकंडा रेंज में चल रही यह स्वच्छता मुहिम क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण बन रही है।
🤝 स्थानीय संस्थाओं ने की पहल की प्रशंसा
वन विभाग की इस पहल की नगर पालिका परिषद चंबा तथा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी
द्वारा भी सराहना की गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि आमजन भी इसमें सहयोग करें, तो जंगलों को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है।
