आरसेटी नई टिहरी में 06 दिवसीय वित्तीय समावेशन प्रशिक्षण संपन्न
स्वयं सहायता समूहों के 23 सदस्यों ने लिया प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता के साथ बैंकिंग, बीमा, निवेश और सामाजिक सुरक्षा की दी गई जानकारी
टिहरी गढ़वाल, 25 अगस्त 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से आरसेटी संस्थान, नई टिहरी में आयोजित छह दिवसीय वित्तीय समावेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के 23 सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
वित्तीय साक्षरता को बनाया प्रशिक्षण का आधार
छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन और वित्तीय सेवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों में सही वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी रहा।
आरसेटी निदेशक ने प्रशिक्षणार्थियों को स्मार्ट बचत, परिपक्वतापूर्ण ऋण, बुद्धिमत्तापूर्ण व्यय, सामाजिक सुरक्षा, बीमा और निवेश सहित वित्तीय साक्षरता से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि नियमित बचत, आवश्यकता के अनुसार ऋण का उपयोग और आय-व्यय का संतुलित प्रबंधन परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की बेहतर समझ
प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बैंकिंग एवं विभिन्न वित्तीय सेवाओं के बेहतर उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को वित्तीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, सुरक्षित निवेश तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता केवल व्यक्तिगत आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध परिवार की आर्थिक सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण और स्थानीय स्तर पर आजीविका के विस्तार से भी है।
प्रशिक्षणार्थियों को बनाया जाएगा वित्तीय जागरूकता का माध्यम
आरसेटी निदेशक ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने-अपने गांवों और क्षेत्रों में अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने क्षेत्रों में लोगों को वित्तीय रूप से जागरूक करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सदस्य अपने समुदाय में वित्तीय जागरूकता का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
इससे ग्रामीण परिवारों को बैंकिंग सेवाओं, बचत, बीमा, निवेश और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का अधिक प्रभावी लाभ लेने में सहायता मिल सकती है।
प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र और टूल किट वितरित
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र एवं टूल किट वितरित किए गए। इस अवसर पर परियोजना निदेशक ज्योति, एसबीआई आरसेटी निदेशक दीपक कोठियाल, उपासक से ग्रामीण वित्त समन्वयक चन्द्रप्रकाश डंगवाल एवं आरसेटी संकाय संजीव नेगी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा अपने समुदाय के अन्य लोगों को भी वित्तीय रूप से जागरूक करने का आह्वान किया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आरसेटी द्वारा आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं सदस्यों को वित्तीय निर्णय लेने, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने और उपलब्ध वित्तीय अवसरों को समझने की जानकारी मिलने से उनकी आर्थिक क्षमता मजबूत हो सकती है।
विशेष रूप से एनआरएलएम से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के लिए वित्तीय साक्षरता का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि समूह आधारित बचत, ऋण एवं उद्यम गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए वित्तीय अनुशासन और सही निर्णय क्षमता आवश्यक है।
छह दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से 23 प्रशिक्षणार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक और सक्षम बनाने के साथ उन्हें अपने क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी दी गई, जिससे प्रशिक्षण का लाभ व्यापक ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाने की उम्मीद है।
