महाविद्यालय नई टिहरी में सड़क सुरक्षा एवं युवाओं में नशा मुक्ति पर NSS की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला में जिलाधिकारी, THDC के कार्यकारी निदेशक और पुलिस अधीक्षक ने छात्रों को सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति पर किया जागरूक
New Tehri: महाविद्यालय नई टिहरी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सड़क सुरक्षा और युवाओं में नशा मुक्ति विषय पर केंद्रित थी, जिसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नई टिहरी की प्राचार्य प्रोफेसर पुष्पा नेगी ने की, जबकि कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, विशिष्ट अतिथि के रूप में टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री एल.पी. जोशी और जनपद पुलिस अधीक्षक श्री जे.आर. जोशी मौजूद रहे।
दीप प्रज्वलन से कार्यशाला का उद्घाटन
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री मयूर दीक्षित ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश सेमवाल ने कार्यशाला का संचालन किया और युवाओं से नशा मुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
डॉ. सेमवाल ने कहा, “राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई आज के प्रासंगिक विषयों पर कार्यशाला का आयोजन कर रही है, जो युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।”
सड़क सुरक्षा पर जागरूकता
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) श्री सतेन्द्र राज ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि “भारत सरकार सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है और 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली जान-माल की हानि को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा तभी संभव है जब युवा यातायात नियमों का पालन करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
नशा मुक्ति और युवाओं की भूमिका
कार्यशाला में टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री एल.पी. जोशी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रही है। युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन नशे के दुष्प्रभाव से वे असमय काल के गाल में समा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
जिलाधिकारी का मार्गदर्शन
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित ने कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कहा, “सड़क सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है जब युवा अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और यातायात के नियमों का पालन करेंगे।”
उन्होंने विज्ञान दिवस का जिक्र करते हुए कहा, “आज विज्ञान दिवस है, और हम विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विज्ञान और नवाचार में युवाओं की नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दे रहे हैं। यदि युवा नशे के दुष्प्रभाव से बचेंगे तो वे स्वयं और समाज को सही दिशा दिखा सकेंगे।”
छात्र-छात्राओं की सहभागिता
कार्यशाला में महाविद्यालय के स्वयंसेवियों ने भी भाग लिया, जिनमें करिश्मा भारती, प्रदीप भंडारी, ऐश्वर्या चमोली, आयुष, शीतल भारती, नासिका, आकृति आदि ने सरस्वती वंदना और स्वागत गान प्रस्तुत किया।
प्राध्यापकों और विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर महाविद्यालय के जिला समन्वयक डॉ. पी.सी. पैन्युली, प्राध्यापक डॉ. डी.पी.एस. भंडारी, डॉ. डी.एस. तोपवाल, डॉ. हर्ष नेगी, डॉ. पुष्पा पंवार, और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला ने छात्रों को सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति के महत्व को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया, और साथ ही उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
