जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिया कानूनी प्रशिक्षण, पूर्व सैनिक, वीर माताएं और न्याय मित्र रहे उपस्थित
नई टिहरी/09 दिसंबर, 2025 (रिपोर्ट: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’)।
अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन दिवस के अवसर पर जिला सैनिक कल्याण परिषद सभागार नई टिहरी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को भ्रष्टाचार विरोधी कानून, अधिकारों और न्यायिक संरक्षण संबंधी जानकारी देना रहा।
कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी द्वारा किया गया, जबकि आयोजन में सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन बी.एस. रावत ने आवश्यक सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर माताएं तथा न्याय मित्र शामिल हुए, जिससे संवाद अधिक प्रभावी और सार्थक बना।
भ्रष्टाचार विरोधी कानून: रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध
कार्यक्रम का संचालन और मार्गदर्शन प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. आलोक राम त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि—
- सन 2018 के कानून के अनुसार रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं।
- 1947 और 1948 के कानूनों सहित 1988 के भ्रष्टाचार निरोधक कानून का ऐतिहासिक व कानूनी संदर्भ बताया।
- 2018 के संशोधित कानून के तहत, पहली बार भ्रष्टाचार में पकड़े जाने पर 3 वर्ष का कारावास,
तथा दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 5 से 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
धारा-7 के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि—
यदि कोई लोकसेवक अपने कर्तव्यों के निर्वहन के बदले में अवैध मांग करता है, तो यह सीधा अपराध है।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में स्पेशल जज की व्यवस्था भी की गई है, जिससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में त्वरित निस्तारण संभव हो सके।
डिजिटल भुगतान और सोशल मीडिया से बढ़ी पारदर्शिता
जज साहब ने समझाया कि—
सरकार ने DBT (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के माध्यम से मनरेगा मजदूरी, पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजना शुरू किया है, जिससे रिश्वत या बिचौलिये की भूमिका कम होती है।
साथ ही सोशल मीडिया की सक्रियता corruption पर नजर रखने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
व्यवहारिक परिवर्तन भी आवश्यक: वरिष्ठ अधिवक्ता राजपाल मियां
कार्यक्रम संचालन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एवं रिटेनर राजपाल मियां ने कहा कि—
भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए व्यक्ति की सोच में परिवर्तन अत्यंत आवश्यक है, और दुनिया में अनेक ऐसे देश हैं जहां भ्रष्टाचार लगभग शून्य है।
उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक जिम्मेदारी पर बल दिया।
कविताओं से जागरूकता: कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी कविताओं के माध्यम से उपस्थित जनों को जागरूक किया।
साथ ही उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु सशस्त्र झंडा दिवस अंशदान की धनराशि भी न्यायाधीश के हाथों समर्पित की।
आभार और सहभागिता
सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन बी.एस. रावत ने कार्यशाला आयोजित करने और कानूनी जागरूकता प्रदान करने हेतु जज साहब का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में केशर सिंह राणा, जे.एस. गुसाईं, गुड्डी रावत, कविराज, ममता रौतेला, बी.एस. रावत, अरुण, सोनाली सहित अनेक प्रतिनिधि एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
🛡 DISCLAIMER:
यह समाचार कार्यशाला स्थल पर उपलब्ध तथ्यों, कार्यक्रम विवरण, कानूनी जानकारी और स्थानीय प्रत्यक्ष संवाद पर आधारित है। इसमें व्यक्त किए गए विचार, सुझाव और कानूनी संदर्भ सरकारी कानूनों, विधिक प्राधिकरणों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार हैं। किसी भी कानूनी या प्रशासनिक पुष्टि के लिए संबंधित विभाग या प्राधिकरण को प्राथमिक स्रोत माना जाए। Sarhad Ka Sakshi सामग्री में तथ्यात्मक परिवर्तन नहीं करता।
