555 करोड़ की लागत से असम में आईआईएम की स्थापना, मोदी सरकार की शिक्षा नीति से नॉर्थ ईस्ट को नई पहचान
गुवाहाटी में शिक्षा का नया अध्याय : सांसद डॉ. नरेश बंसल ने आईआईएम स्थापना बिल पर राज्यसभा में रखे अपने विचार
नॉर्थ ईस्ट के युवाओं को मिलेगा उच्च शिक्षा का नया अवसर, 555 करोड़ रुपये की लागत से असम में स्थापित होगा आईआईएम
गुवाहाटी (असम), 22 अगस्त 2025
भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने गुवाहाटी (असम) में आयोजित आईआईएम स्थापना (IIM Establishment) बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में शिक्षा, बुनियादी ढांचे और विकास के नए आयाम जुड़ रहे हैं।
डॉ. बंसल ने कहा कि लंबे समय तक उपेक्षित रहा नॉर्थ ईस्ट आज मोदी सरकार की प्राथमिकता में है। इसी का परिणाम है कि असम में 555 करोड़ रुपये की लागत से नया भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार का अवसर प्रदान करेगा।
सांसद ने बताया कि असम की जनसंख्या लगभग 3 करोड़ है लेकिन यहां कोई आईआईएम नहीं था। लगभग 5.50 लाख युवा हर वर्ष उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाते थे। अब इस आईआईएम की स्थापना से उन्हें अपने ही राज्य में अवसर मिलेंगे।
डॉ. बंसल ने यह भी कहा कि 2014 से पहले केवल 2 आईआईएम ग्लोबल रैंकिंग में शामिल थे, जबकि आज 7 आईआईएम ने विश्वस्तरीय पहचान बनाई है। मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 22 आईआईएम, 13 आईआईटी और 7 आईआईएसआर सहित 24,000 से अधिक नए सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालयों की स्थापना की है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार छात्रों को स्कॉलरशिप के जरिए शिक्षा सुलभ करा रही है। आईआईएम में पढ़ने वाले 150 छात्रों में से 125 छात्रों को पूरी तरह सरकारी छात्रवृत्ति मिल रही है और शेष 25 छात्रों को भी आंशिक सहायता प्राप्त हो रही है।
डॉ. बंसल ने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा बल्कि पूर्वोत्तर की आर्थिक प्रगति में भी मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिक्षा नीति की यह एक बड़ी उपलब्धि है और इससे युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का मौका मिलेगा।
