धराली समेत अन्य आपदा क्षेत्रों में गर्भवती, बुजुर्ग और गंभीर घायलों को प्राथमिकता; स्वास्थ्य मंत्री ने 28 एम्बुलेंस, 22 विशेषज्ञ डॉक्टर और हेल्थ स्टाफ की तैनाती की दी जानकारी; टोल फ्री हेल्पलाइन 14416 और 104 एक्टिव मोड पर
देहरादून, 06 अगस्त 2025
उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को युद्ध स्तर पर सक्रिय कर दिया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में समीक्षा बैठक कर आपदा राहत में चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपदा पीड़ित को इलाज से वंचित न रहने दिया जाए।
🚑 108 सेवा, खुशियों की सवारी और रिजर्व एम्बुलेंस तैनात
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य की आपातकालीन सेवाएं जैसे 108 एम्बुलेंस और ‘खुशियों की सवारी’ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इस समय 28 एम्बुलेंस सक्रिय रूप से आपदा क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जिनमें:
- 108 सेवा की: 19 एम्बुलेंस
- स्वास्थ्य विभाग की: 9 एम्बुलेंस
- रिजर्व: 10 एम्बुलेंस
🧑⚕️ विशेष चिकित्सीय टीम तैनात
आपदा क्षेत्र में त्वरित उपचार हेतु विशेष चिकित्सीय टीम भेजी गई है, जिसमें सम्मिलित हैं:
- 11 विशेषज्ञ डॉक्टर (मेडिकल कॉलेजों से)
- 6 विशेषज्ञ डॉक्टर (स्वास्थ्य विभाग से)
- 5 स्टाफ नर्स और 5 फार्मासिस्ट
🚨 गंभीर मामलों के लिए अलग तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर घायलों के लिए विशेष प्राथमिकता के साथ चिकित्सा सहायता दी जाए। यदि मार्ग बाधित हों, तो डंडी-कंडी या ड्रोन के माध्यम से जीवनरक्षक दवाएं और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जाए।
उन्होंने जनपद और ब्लॉक स्तर पर विशेष चिकित्सा दलों के गठन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश भी दिए ताकि आपदा प्रबंधन और चिकित्सा राहत के बीच समुचित समन्वय बना रहे।
📞 हेल्पलाइन नम्बर 14416 और 104 सक्रिय
- 14416: आपातकालीन मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेतु
- 104: आम नागरिकों को चिकित्सा परामर्श और सूचनाएं देने हेतु
इन टोल-फ्री नंबरों का प्रचार-प्रसार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है, ताकि अधिकतम लोग इनका लाभ उठा सकें।
👥 बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ. शिखा जंगपांगी, डॉ. आर.सी. पंत, संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. जे.एस. चुफाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा राहत कार्यों में शिथिलता या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
