इन्टरनेट के खतरों से बचाव, टूगेदर फॉर बेटर नेटवर्क‘ विषय आधारित कार्यशाला
नई टिहरी: विकास भवन स्थित सभागार में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र टिहरी गढ़वाल द्वारा सुरक्षित इन्टरनेट दिवस के उपलक्ष्य में ‘टूगेदर फॉर बेटर नेटवर्क‘ विषय आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी कुसुम ने आधुनिक जीवन में इन्टरनेट की उपयोगिता एवं इन्टरनेट के दुष्परिणामों के बारे में प्रस्तुति दी गयी। कार्यशाला में साईबर क्राइम सेल के राहुल सर्गवान एवं मयंक बलूनी द्वारा इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, साईबर हाईजीन, साईबर अटैक से सुरक्षा तथा डिजिटल अरेस्ट से बचाव की जानकारी दी गई। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुतिकरण के दौरान अपने अनुभव साझा किये।
कार्यशाला का उदघाटन मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने किया। उन्होंनेे किसी भी साईबर क्राइम के हो जाने पर चुप न रह कर तुरन्त पुलिस को सूचना देने के लिये जोर दिया और इन्टरनेट के सही उपयोग हेतु छात्र छात्राओं को प्रेरित किया। डीपीआरओ मुस्तफा खान ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुये छात्र छात्राओं को अनजानी फोन कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी न देने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन एन.आई.सी. के नेटवर्क इंजीनियर मनीष उनियाल ने किया।
कार्यक्रम में फिजियोलाजिस्ट डॉ. रीना सिंह, कृषि अधिकारी पवन काला, सहायक अर्थसंख्याधिकारी धारा सिंह, खण्ड़ शिक्षा अधिकारी चम्बा नरेश हल्दियानी, खण्ड़ विकास अधिकारी देवप्रयाग जसोधर प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी प्रतापनगर विजेन्द्र सिंह, सांख्यिकी अधिकारी राजकुमार रावत एवं सामाजिक कार्यकर्ता कुलानन्द चमोली उपस्थित रहे।
उपसंहार:
यह कार्यक्रम इंटरनेट सुरक्षा के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए आयोजित किया गया था, जिसमें साइबर अपराध से बचने के उपाय और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाई गई। इसमें विशेष रूप से छात्रों को बताया गया कि साइबर सुरक्षा के मापदंडों का पालन कैसे किया जाए, और ऑनलाइन रहते हुए खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
कार्यशाला में साइबर हाईजीन, साइबर हमलों से बचने और डिजिटल अपराधों से दूर रहने के तरीकों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। छात्रों को साइबर अपराध होने पर त्वरित पुलिस रिपोर्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और उन्हें सावधान रहने के लिए प्रेरित किया।
इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं और समाज को डिजिटल खतरों से अवगत कराने और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में शिक्षित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
