25 वर्षों से अधिकार से वंचित विस्थापितों का धरना पांचवें दिन भी जारी
नई टिहरी | 18 जनवरी 2026
केमसारी-पिपली टीन शेड में रह रहे टिहरी बांध विस्थापितों को मालिकाना हक दिलाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। विस्थापितों का कहना है कि टिहरी बांध निर्माण के दौरान वर्ष 2002 से 2005 के बीच जिन परिवारों का स्थायी पुनर्वास नहीं हो पाया था, उन्हें जिला प्रशासन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा नई टिहरी के केमसारी-पिपली क्षेत्र में टीन शेडों में अस्थायी रूप से बसाया गया, लेकिन 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक उन्हें मालिकाना अधिकार नहीं मिल सके हैं।
विस्थापितों का आरोप है कि मालिकाना हक न मिलने के कारण वे आज भी जर्जर और असुरक्षित आवासों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने दिया धरने को समर्थन
धरना स्थल पर जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा, कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नरेंद्र चंद रमोला, प्रदेश कांग्रेस महासचिव विजय गुनसोला, प्रदेश सचिव सैयद मुशर्रफ अली, पूर्व शहर अध्यक्ष देवेंद्र नौटियाल, महिला कांग्रेस प्रदेश महामंत्री दर्शनी रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शांति शाह, जिला उपाध्यक्ष मूर्तजा बेग, प्रवेज अहमद सहित अनेक कांग्रेस नेता आंदोलनकारियों के समर्थन में पहुंचे।
“सरकार ने वादे किए, अब चुप्पी साधी”
धरना स्थल पर संबोधित करते हुए राकेश राणा और नरेंद्र चंद रमोला ने कहा कि—
“जिन विस्थापितों को पुनर्वास विभाग ने तत्कालीन समय में केमसारी-पिपली टीन शेड में बसाया था, आज उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय है। वे कई दिनों से मालिकाना हक की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान वर्तमान सरकार के नेताओं ने विस्थापितों से कई वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें भुला दिया गया।
“मालिकाना हक से ही होगा बेहतर जीवन”
प्रदेश कांग्रेस महासचिव विजय गुनसोला और प्रदेश सचिव सैयद मुशर्रफ अली ने कहा कि—
“जिला प्रशासन और पुनर्वास विभाग को तत्काल केमसारी-पिपली टीन शेड के विस्थापितों को मालिकाना हक देना चाहिए, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जी सकें।”
संघर्ष जारी रहेगा: कांग्रेस
पूर्व शहर अध्यक्ष देवेंद्र नौटियाल और दर्शनी रावत ने स्पष्ट कहा कि—
“जब तक विस्थापितों को उनका मालिकाना हक नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस और संघर्ष समिति प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और इस आंदोलन को उसके मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।”
संघर्ष समिति की एकसूत्री मांग
धरना स्थल पर संघर्ष समिति के संरक्षक सुरेंद्र घई और मनीष तोमर ने दोहराया कि—
“हमारी केवल एक ही मांग है—केमसारी-पिपली टीन शेड के विस्थापितों को तुरंत मालिकाना हक दिया जाए।”
धरने में जमीर अहमद, रविराज, मनीष तोमर, सुरेंद्र खत्री, नजाकत अली, सीताराम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
