कोठी तल्ली में श्रीनागराजा नरसिंह देवता मंदिर का भव्य लोकार्पण: 27 फरवरी को विशाल भंडारा, श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
25 फरवरी से कलश यात्रा के साथ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ, 27 फरवरी दोपहर 1 बजे से प्रसाद वितरण
नकोट, टिहरी गढ़वाल।
प्रखण्ड के ग्राम पंचायत श्रीमहादेव ग्राम छाती स्थित कोठी तल्ली गांव में नव-निर्मित श्री नागराजा नरसिंह देवता मंदिर में 27 फरवरी 2026 को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। गांव के धनोला बन्धुओं द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है।
मंदिर में स्थापित की जाने वाली मूर्तियों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा 25 फरवरी से प्रारंभ होने वाले पूजन कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न की जाएगी। आयोजक मंडल ने क्षेत्रवासियों और आसपास के श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
25 फरवरी से भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ
आयोजक धनोला बन्धुओं के अनुसार, बुधवार 25 फरवरी को प्रातः 10 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। कलश यात्रा में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीतों के साथ सहभागिता करेंगी।
कलश स्थापना के उपरांत वेद मंत्रोच्चारण और आचार्यों के मार्गदर्शन में पूजन-अर्चन प्रारंभ होगा, जो 27 फरवरी तक जारी रहेगा।
27 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा और मूर्ति स्थापना
धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में 27 फरवरी को दोपहर 12 बजे तक मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा एवं स्थापना की जाएगी। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ और विशेष पूजा का आयोजन होगा।
मंदिर समिति के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा के बाद दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
आयोजक मंडल धनोला बन्धुओं ने समस्त क्षेत्रवासियों, प्रवासियों और आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनें और भंडारे में प्रसाद ग्रहण करें।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ग्राम समाज की एकता और सामूहिक सहभागिता का भी उत्सव है। नव-निर्मित मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व
उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल में नागराजा और नरसिंह देवता की पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, देवस्थलों की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति का संचार होता है।
कोठी तल्ली गांव में यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश देगा।
