लगातार हो रही बारिश और टिहरी-श्रीनगर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम, कांवड़ियों को घाटों से दूर रहने की अपील
टिहरी/27 जुलाई 2025।
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद में लगातार हो रही मूसलधार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, विशेषकर कांवड़ यात्रा के चलते घाटों पर उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु व्यापक उपाय किए गए हैं।
🌧️ लगातार बारिश और डैम से जलविसर्जन के कारण बढ़ा जलस्तर
गत कुछ दिनों से हो रही मूसलधार वर्षा के कारण टिहरी और श्रीनगर डैम से निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे गंगा नदी का बहाव तेज और जलस्तर खतरनाक सीमा की ओर बढ़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए टिहरी जिला प्रशासन ने सभी संवेदनशील घाटों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
👮♂️ पुलिस और जल पुलिस की तैनाती, लाउडस्पीकर से चेतावनी
एसएसपी टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल के निर्देशन में थाना मुनिकीरेती क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों—राम झूला, जानकी सेतु, योग निकेतन, पूर्णानंद घाट आदि—पर जल पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। लाउड हेलर सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को घाटों के नजदीक न जाने और चिन्हित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की चेतावनी दी जा रही है।
🕉️ घाटों पर विशेष सावधानी, कांवड़ियों को किया गया सतर्क
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान गंगाजल भरने वाले श्रद्धालु घाटों से दूरी बनाए रखें। जल पुलिस के साथ-साथ जिला पुलिस द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और सुरक्षित घाटों को चिन्हित कर वहां स्नान की अनुमति दी जा रही है।
🔗 सुरक्षा इंतज़ाम: लोहे की चेन और SDRF तैनात
साई घाट, हनुमान घाट, नाव घाट, ओंकारानंद घाट, योग निकेतन घाट, पूर्णानंद घाट, जानकी सेतु घाट, भरत घाट और स्वामीनारायण घाट पर प्रशासन ने लोहे की चेन लगाकर सुरक्षा को मजबूत किया है। साथ ही एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीमें भी सक्रिय रूप से तैनात की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में तत्परता से कार्रवाई की जा सके।
📢 प्रशासन की अपील: संयम बरतें, निर्देशों का पालन करें
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे गंगा नदी के किनारे जाने से बचें, प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और आपातकालीन परिस्थिति में पुलिस, जल पुलिस या SDRF से संपर्क करें।
