चंबा में बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए वन विभाग (सकलाना रेंज) की ओर से कॉलेज रोड, सुमन कॉलोनी में पिंजरे लगाए गए। जिसमें बहुत से खूंखार बंदरों को पकड़ा गया। वन क्षेत्राधिकारी प्रबोद पांडे की पहल पर आज सुबह से ही जंगलात के कर्मचारी कॉलेज रोड, सुमन कॉलोनी में बंदरो को पकड़ने में प्रयासरत रहे। जंगलात के कर्मचारी, वाहन- पिंजड़े आदि लेकर सभी इस कार्य में लगे रहे और काफी सफलता उन्हें प्राप्त हुई।
सरहद का साक्षी, कवि:सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत
कुछ समय पूर्व से कॉलेज रोड और सुमन कॉलोनी में बंदरों का आतंक भयानक था। पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए चलना मुश्किल हो गया था। बंदर लोगों पर झपटने लगे थे और सबसे ज्यादा कठिन स्कूल जाने वाले बच्चों और महिलाओं के लिए प थी।
यूं तो कई वर्षों से बंदरों का पकड़ने का मिशन जंगलात के द्वारा चलाया जाता है और बंदर पकड़े भी जाते हैं तथा दूर जंगल में उन्हें छोड़ा जाता है लेकिन बंदरों के प्रजनन दर के कारण हर वर्ष असंख्य मात्रा में बंदर उत्पन्न हो जाते हैं और बंदरों के छोटे बच्चे साथ रहते हैं। अगर किसी बच्चे ने आवाज कर दी तो आनन-फानन सभी बंदर इकट्ठा होकर झपटते हैं। सुमन कॉलोनी में कुछ समय पूर्व श्री सोहन लाल बिजल्वाण को बंदरों ने काट लिया था। राधा कृष्ण मंदिर से नीचे, कॉलेज रोड, तल्ला चंबा और संपूर्ण सुमन कॉलोनी में बंदरों का आतंक फैलाया हुआ है। पैदल रास्ता चलने में देह कांपती नहीं लगती है। वन विभाग की इस प्रकार की पहल के लिए है स्थानीय लोगों ने आभार प्रकट किया।
टीम के साथ कुुछ स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया। समय-समय पर बंदरों को पकड़ने का अभियान जारी रखना चाहिए जिससे कि नगर क्षेत्र चंबा में तथा आसपास के गांव के लोगों को जो आए दिन बाजार करने के लिए चंबा आते हैं, संकट का सामना न करना पड़े।
वन क्षेत्राधिकारी सकलाना रेंज प्रबोध पांडे की कार्य कुशलता और कार्यशैली को बखूबी जाना जाता है। बरसों पहले वन दरोगा के रूप में भी उनकी अनुकरणीय छवि रही है। विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए उनके कार्य मिसाल हैं। ऐसे कार्य कुशल अधिकारियों की सराहनीय पहल का स्वागत किया जाना चाहिए और सहयोग करना चाहिए।
आज बंदरों को पकड़ने में वन क्षेत्राधिकारी के अलावा ओमप्रकाश लेनदार, आर. एस. नेगी, राकेश बिजल्वाण आदि वन कर्मियों की टीम मौजूद रही।
