चारधाम यात्रा के लिए बनेगा चिकित्सकों का पृथक कैडर, बॉण्डधारी डॉक्टरों के पीजी कोर्स हेतु बनेगी नई अध्ययन नीति: डॉ. धन सिंह रावत
🟠 चिकित्साधिकारियों की डीपीसी 10 फरवरी तक कराने के निर्देश, स्वास्थ्य विभाग के कई प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की तैयारी
📰 देहरादून | 24 जनवरी 2026
चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों का एक पृथक कैडर बनाया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
इसके साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेजों से बॉण्डधारी एमबीबीएस चिकित्सकों के पीजी कोर्स के लिए एक पृथक अध्ययन नीति तैयार की जाएगी, ताकि उनकी अनुपस्थिति से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
यह जानकारी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी।
🏥 चारधाम यात्रा को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें आने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल, गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि—
चारधाम यात्रा हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित पृथक कैडर बनाया जाएगा।
इस कैडर में आवश्यक पदों को सम्मिलित किया जाएगा।प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।
🎓 बॉण्डधारी चिकित्सकों के लिए अलग अध्ययन नीति
मंत्री ने बताया कि राज्य के बॉण्डधारी एमबीबीएस चिकित्सकों को पीजी कोर्स करने के लिए अलग अध्ययन नीति बनाई जाएगी, जिससे—
पीजी अध्ययन के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों
चिकित्सकों की कमी न हो
इसके लिए पीजी कोर्स में जाने वाले चिकित्सकों की जगह भरने हेतु 250 चिकित्सकों का एक रिजर्व पूल बनाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया जाएगा।
📌 स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई, जिनमें—
लैब टेक्नीशियन व फार्मासिस्ट पदों का पुनर्गठन
स्वास्थ्य विभाग का पृथक प्रशासनिक कैडर
प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन का गठन
विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर
उच्चीकृत एवं नवसृजित उप जिला चिकित्सालयों एवं सीएचसी में नए पदों का सृजन
इन सभी प्रस्तावों को भी शीघ्र कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
📅 10 फरवरी तक डीपीसी अनिवार्य
डॉ. धन सिंह रावत ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न श्रेणियों के चिकित्साधिकारियों की वरिष्ठता सूची के आधार पर 10 फरवरी 2026 तक डीपीसी अनिवार्य रूप से सम्पन्न कराई जाए, ताकि पात्र अधिकारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सके।
⚠️ अनुशासन और सेवा गुणवत्ता पर सख्ती
बैठक में मंत्री ने—
सभी मेडिकल कॉलेजों व स्वास्थ्य इकाइयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने अनुपस्थित चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने मरीजों को बेहतर एवं संवेदनशील उपचार देने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।
💳 आयुष्मान व गोल्डन कार्ड पर निर्देश
मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लंबित बिलों के भुगतान और गोल्डन कार्ड धारकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही एनएचएम के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
👥 बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा,निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय कुमार आर्य,
निदेशक एनएचएम डॉ. रश्मि पंत, प्राचार्य हरिद्वार मेडिकल कॉलेज प्रो. सीएमएस रावत, वित्त नियंत्रक दीपाली भरणे, रजिस्ट्रार मेडिकल काउंसिल सुधीर कुमार पाण्डे सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
