प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल से सकारात्मक वार्ता, पीजी चिकित्सकों के अध्ययन अवकाश पर मिला आश्वासन
देहरादून:
राज्य के चिकित्सकों की समस्याओं को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और उनका समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। यह बात स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान कही।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनोज वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव से भेंट कर चिकित्सकों से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की। प्रमुख रूप से वर्ष 2016 और 2017 में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) हेतु गए विशेषज्ञ चिकित्सकों को मिले असाधारण अवैतनिक अवकाश (EOL) को अवैतनिक अध्ययन अवकाश (Study Leave Without Pay) में परिवर्तित करने की मांग उठाई गई।
🧾 वरिष्ठता और सेवा अभिलेख पर प्रभाव
संघ का कहना है कि यह परिवर्तन सेवा पुस्तिका (Service Records) में पारदर्शिता लाएगा और चिकित्सकों की वरिष्ठता, प्रोन्नति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सकारात्मक असर डालेगा। यह विषय प्रशासनिक दृष्टि से तकनीकी होते हुए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🗣️ स्वास्थ्य सचिव का आश्वासन
डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और कहा,
“राज्य सरकार चिकित्सकों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। अध्ययन अवकाश से संबंधित विषयों को जल्द हल करने हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सकों को किसी प्रकार की प्रशासनिक जटिलता का सामना न करना पड़े और वे निःसंकोच अपना दायित्व निभा सकें।”
👥 प्रतिनिधिमंडल में रहे ये प्रमुख चिकित्सक:
- डॉ. मनोज वर्मा – प्रांतीय अध्यक्ष
- डॉ. परमार्थ जोशी
- डॉ. निशांत अंजुम
- डॉ. अभिषेक नौटियाल
इस सकारात्मक वार्ता से चिकित्सा समुदाय में नई उम्मीद, विश्वास और ऊर्जा का संचार हुआ है। सरकार के स्तर से मिले भरोसे ने चिकित्सकों के बीच संतोषजनक वातावरण बनाया है।
