चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए राजनीतिक दलों को किया आमंत्रित
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से चुनावी सुधार के लिए सुझाव मांगे
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कानूनी ढांचे के तहत राजनीतिक दलों के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा
चुनावी सुधार पर विचार-विमर्श के लिए पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रण
भारत के चुनाव आयोग ने सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए आमंत्रित किया है। आयोग ने पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से बातचीत के लिए 30 अप्रैल, 2025 तक सुझाव भेजने का आग्रह किया है, विशेष रूप से ईआरओ, डीईओ, या सीईओ स्तर पर किसी भी अनसुलझे मुद्दों को लेकर।
आयोग ने एक पत्र जारी कर सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे स्थापित कानूनी ढांचे के अनुसार चुनावी सुधारों के लिए अपने विचार प्रस्तुत करें। मुख्य चुनाव आयुक्त, श्री ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में हुए ईसीआई सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राजनीतिक दलों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें और उनकी सिफारिशों को सख्ती से लागू करें।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के सुधार के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है, जिसमें राजनीतिक दल एक प्रमुख हितधारक हैं। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, चुनाव नियम और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत चुनावी सुधारों के लिए ठोस कानूनी ढांचा बनाया है। इस संवाद प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्यरत है।
