जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया नई टिहरी जिला कारागार का निरीक्षण, कैदियों की सुविधाओं और विधिक सेवाओं का लिया जायजा
महिला बैरक, विधिक सेवा क्लीनिक, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कैदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प का किया निरीक्षण
नई टिहरी, 06 अगस्त 2026 | रिपोर्ट: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ | SKS News
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) टिहरी गढ़वाल श्री नितिन शर्मा के निर्देशन में सिविल जज (सी.डी.) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल ने जिला कारागार, नई टिहरी का औचक निरीक्षण कर कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं विधिक सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया।
कैदियों से की सीधी बातचीत
निरीक्षण के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विभिन्न अपराधों में निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने प्रत्येक बंदी की दफ्ती पर अंकित धाराओं, अपराध की प्रकृति, अधिवक्ता की उपलब्धता तथा मुकदमों की प्रगति के संबंध में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महिला बैरक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान महिला बैरक का भी अवलोकन किया गया। महिला बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई।
साथ ही कारागार परिसर में स्वच्छता, पेयजल, भोजन, सुरक्षा एवं अन्य मानवीय आवश्यकताओं का भी निरीक्षण किया गया।
फल एवं अन्य सामग्री की जांच व्यवस्था पर ली जानकारी
सचिव ने जेलर से यह भी जानकारी प्राप्त की कि बंदियों के परिजनों द्वारा लाए जाने वाले फलों एवं अन्य सामग्री की जांच किस प्रकार की जाती है तथा सुरक्षा मानकों का किस प्रकार पालन किया जाता है।
विधिक सेवा क्लीनिक का किया निरीक्षण
कारागार परिसर में संचालित विधिक सेवा क्लीनिक का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अभिलेखों का परीक्षण किया तथा वहां तैनात अधिकार मित्र (पैरालीगल वॉलंटियर) को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र बंदी को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कैदियों की कला एवं हस्तशिल्प की सराहना
निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारी ने बंदियों द्वारा तैयार की गई हस्तशिल्प सामग्री, आकर्षक चित्रकारी, पेंटिंग एवं अन्य कलात्मक कृतियों का भी अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां बंदियों के व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच तथा समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक (जेलर), रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मियां, पैरालीगल स्वयंसेवी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय सहायक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
