टिहरी में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण का दिया संदेश
नैनबाग के पंतवाड़ी से जनपद स्तरीय अभियान की शुरुआत, किसानों के लिए मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा; मिलेट मिशन और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
टिहरी गढ़वाल, 8 जून 2026 | SKS News |
उत्तराखंड सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की उर्वरता संरक्षित रखने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद टिहरी गढ़वाल में जनपद स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” का शुभारंभ किया गया। विकासखंड जौनपुर के नैनबाग क्षेत्र अंतर्गत पंतवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि “स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान और समृद्ध भारत” की परिकल्पना को साकार करने के लिए मृदा संरक्षण, प्राकृतिक खेती और संतुलित कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से धरती मां की रक्षा करने तथा रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने खेतों में पॉवर वीडर चलाकर जुताई की और स्थानीय किसानों के साथ खेती, बागवानी तथा कृषि विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनते हुए घेरबाड़, स्थानीय सड़क निर्माण तथा कृषि एवं अन्य विभागीय मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया।
किसानों द्वारा खेतों तक पहुंच के लिए मोटर मार्ग की मांग किए जाने पर कृषि मंत्री ने लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र में कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
मंत्री जोशी ने किसानों को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मिलेट मिशन योजना से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मोटे अनाज (मिलेट्स) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5209 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है और किसानों से अनुरोध किया कि वे स्थानीय समूहों तथा एफपीओ (Farmer Producer Organization) के माध्यम से सहकारिता विभाग को अपने उत्पाद बेचकर इसका लाभ उठाएं।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने अति सघन बागवानी योजना के एक लाभार्थी किसान के सेब बगीचे का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में फलोत्पादन को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि आधुनिक बागवानी तकनीकों और क्लस्टर आधारित खेती से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने जौनपुर क्षेत्र में किसानों द्वारा अपनाई जा रही क्लस्टर आधारित खेती की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और जनप्रतिनिधियों से मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से जुड़कर किसान अपनी उत्पादकता और आय दोनों बढ़ा सकते हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा 1 से 30 जून तक देशव्यापी “खेत बचाओ अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम में विधायक धनौल्टी प्रीतम सिंह पंवार ने किसानों को पारंपरिक खेती की ओर लौटने और प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, रानीचौरी के वैज्ञानिक डॉ. आलोक येवले ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर कृषि एवं अन्य विभागों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए, जहां किसानों को विभिन्न योजनाओं, आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। परम पर्वतीय कृषक मंच द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिकाओं ने भी किसानों को मिट्टी संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
