टिहरी में जिलाधिकारी ने वन भूमि हस्तांतरण पर की महत्वपूर्ण बैठक, विकास कार्यों को जल्द अनुमति देने पर जोर
📍प्रोजेक्ट प्रस्तावों में विलंब से बचने के लिए जिलाधिकारी ने दिए स्पष्ट निर्देश | कीर्तिनगर, घनसाली और टिहरी क्षेत्रों के सड़क निर्माण प्रस्तावों पर की गई गहन समीक्षा
टिहरी, 30 जुलाई 2025 |
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आज टिहरी, घनसाली और कीर्तिनगर क्षेत्रों से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण एवं क्षतिपूरक वृक्षारोपण के प्रकरणों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट प्रस्ताव बनाते समय ही संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और भूमि का प्रकार प्रमाणपत्र एसडीएम स्तर से प्राप्त करें। साथ ही वन विभाग द्वारा D.S.S. डेंसिटी का आकलन कर प्रस्ताव में अवश्य संलग्न करें, ताकि भूमि की श्रेणी के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
📋 मुख्य निर्देश एवं निर्णय:
- अमोली से धौलंगी मोटर मार्ग (देवप्रयाग क्षेत्र) के वन भूमि प्रस्ताव की पुनः जांच के निर्देश एसडीएम कीर्तिनगर को दिए गए।
- घनसाली क्षेत्र में निम्नलिखित परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण पर चर्चा:
- उत्तरकाशी-लंबगांव-घनसाली-तिलवाड़ा मार्ग पर डबल लेन सेतु निर्माण
- कोन्ती-बणगांव-सेरा-चिल्यालगांव-किरेथ से नौली तक नई सड़क
- थाती-बुढाकेदार से धनाली तक नव निर्माण कार्य
- मुख्यमंत्री घोषणाओं में शामिल परियोजनाएं:
- प्रतापनगर: बैण्ड धनागांव-होमपाटा-मिल्यासौड़-मिश्रवाणगांव सड़क निर्माण
- डोबरा चांठी पुल से लंबगांव तक सड़क का डामरीकरण व चौड़ीकरण
इन परियोजनाओं के लिए क्षतिपूरक वृक्षारोपण हेतु भूमि चिन्हांकन पर भी आवश्यक जानकारी दी गई।
👥 उपस्थित अधिकारी:
बैठक में DFO टिहरी पुनीत तोमर, एडीएम ए.के. सिंह, एसई लोनिवि मनोज बिष्ट, एसडीएम संदीप कुमार, ईई बोराड़ी योगेश कुमार, घनसाली एसडीएम दिनेश नौटियाल, सहित अन्य अधिकारी भौतिक और वर्चुअल रूप में उपस्थित रहे।
