टीएचडीसी का ‘मिशन शक्ति-2026’ शुभारंभ, बालिकाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में अभिनव पहल
25 दिवसीय विशेष कार्यशाला में 28 बालिकाओं को मिलेगा व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण
टिहरी गढ़वाल, 04 जून 2026, SKS News।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत टिहरी परियोजना क्षेत्र में बालिकाओं के समग्र विकास एवं सशक्तिकरण हेतु “मिशन शक्ति-2026” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। टिहरी बांध परियोजना प्रभावित इंटर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत 25 दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग की 28 बालिकाएं प्रतिभाग कर रही हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास निर्माण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता तथा जीवन कौशल को विकसित करना है। यह पहल टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है, जो बांध प्रभावित क्षेत्रों की बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और सशक्तिकरण के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (टिहरी परियोजना) आर.आर. सेमवाल, महाप्रबंधक (सामाजिक एवं पर्यावरण) ऋषिकेश हर्ष कुमार जिंदल, अपर महाप्रबंधक (नियोजन) विपिन सकलानी, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) मोहन सिंह सिलवाल, वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर) नरेंद्र सिंह मखलोगा तथा वरिष्ठ प्रबंधक (एचआर) दीपक उनियाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर तरंगिनी लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा एवं उपाध्यक्ष भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं और बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान सभी चयनित बालिकाओं को प्रशिक्षण अवधि एवं दैनिक उपयोग के लिए विशेष किट वितरित किए गए। इन किटों में ट्रॉली बैग, स्कूल बैग, ट्रैक सूट, स्पोर्ट्स वियर, स्टेशनरी सामग्री, योगा किट, पानी की बोतलें तथा अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थीं।
टीएचडीसी अधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला के दौरान बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, योग, खेल, व्यक्तित्व विकास, आत्मरक्षा, नेतृत्व कौशल एवं सामाजिक जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रशिक्षण सत्रों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जागरूक नागरिक बन सकें।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की यह पहल न केवल बालिका सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और अवसर भी प्रदान करेगी।
