ठांगधार/चंबा में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं का विशाल जुलूस
ग्राम पंचायत सौड की महिलाओं का प्रदर्शन, युवाओं को नशे से बचाने की उठी मांग
रिपोर्ट: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
ठांगधार/चंबा, टिहरी गढ़वाल।
होली के पर्व के अवसर पर क्षेत्र में बढ़ती अवैध शराब बिक्री के खिलाफ ग्राम पंचायत सौड की महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रतिकार किया। महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विशाल जुलूस निकाला और अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि खुलेआम हो रही अवैध शराब की बिक्री से क्षेत्र का युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में जा रहा है, जिससे सामाजिक समरसता और पारिवारिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
सम्मानित जिला पंचायत सदस्य गीता डबराल और प्रधान चंद्रवीर चंद रमोला के नेतृत्व में महिलाओं ने दोपहर के समय सड़क पर एकत्र होकर नारेबाजी की। जुलूस अवैध शराब बेचने वाले संदिग्ध स्थलों तक पहुंचा, जहां महिलाओं ने प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
समाजसेवी भगवान चंद रमोला ने भी महिलाओं की इस मुहिम का समर्थन करते हुए कहा कि समाज को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ एकजुट होना होगा।
होटल और ढाबों के बीच बढ़ता अवैध कारोबार
चंबा–मसूरी फल पट्टी क्षेत्र में बड़ी संख्या में होटल और छोटे ढाबे संचालित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे शाम के समय घूमने निकलने वाले युवा इसके जाल में फंस रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन को दी सूचना
स्थानीय निवासियों ने दूरभाष के माध्यम से चंबा थानाध्यक्ष से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया। पुलिस प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि अवैध शराब बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक जागरूकता का संदेश
महिलाओं का यह जुलूस केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का प्रतीक भी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
होली जैसे सांस्कृतिक पर्व को सौहार्द और सद्भाव के साथ मनाने की अपील करते हुए महिलाओं ने प्रशासन से सख्त निगरानी और नियमित जांच की मांग की।
निष्कर्ष
ठांगधार/चंबा क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का यह आंदोलन सामाजिक चेतना और जनसहभागिता का उदाहरण बनकर उभरा है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्षेत्र में अवैध कारोबार पर किस प्रकार प्रभावी रोक लगाई जाती है।
