तकनीकी शिक्षा में एआई का समावेश: अब पॉलीटेक्निक छात्र सीखेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग
प्राविधिक शिक्षा विभाग ने कोडयोगी एवं कम्प्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन के साथ किया महत्वपूर्ण एमओयू, विद्यार्थियों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण
देहरादून, 3 जून 2026, SKS News।
उत्तराखंड के राजकीय पॉलीटेक्निक एवं अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अब अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी मिलेगा। इस दिशा में प्राविधिक शिक्षा विभाग ने कोडयोगी फाउंडेशन एवं कम्प्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में इस समझौते को औपचारिक रूप दिया गया। एमओयू के तहत राज्य के पॉलीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को एआई के मूलभूत सिद्धांतों, कोडिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप आधुनिक, नवाचार आधारित एवं रोजगारोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी समस्या समाधान क्षमता, तार्किक सोच और नवाचार की प्रवृत्ति को भी विकसित करेगी।
उन्होंने बताया कि छात्र अपने स्मार्टफोन के माध्यम से, अपनी भाषा में और बिना किसी शुल्क के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को विभाग की ओर से दो अकादमिक क्रेडिट भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के संचालन के लिए किसी अतिरिक्त कंप्यूटर लैब, विशेष आधारभूत संरचना अथवा शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। कार्यक्रम का संचालन एवं वित्तपोषण कोडयोगी फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा, जबकि प्राविधिक शिक्षा विभाग राज्य के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों तक इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करेगा।
समझौता ज्ञापन के अवसर पर कोडयोगी फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत चौधरी ने कहा कि कोडयोगी फाउंडेशन की शुरुआत उत्तराखंड से हुई थी। यहां के अनेक पॉलीटेक्निक विद्यार्थियों ने फाउंडेशन के माध्यम से तकनीकी कौशल हासिल कर आज विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि किसी के पास एक स्मार्टफोन और सीखने की जिज्ञासा है, तो सफलता की राह स्वयं खुल जाती है।
कार्यक्रम में सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. रंजीत सिन्हा, तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, उप सचिव ब्योमकेश दुबे, यूबीटीआर के सचिव डॉ. मुकेश पांडेय, कोडयोगी फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत चौधरी, कम्प्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन के निदेशक साई प्रसाद साले सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
