देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित, छात्रों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का मिलेगा अवसर, विशेषज्ञों ने युवाओं को नवाचार और आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
पौड़ी गढ़वाल, 31 जुलाई 2026।
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव, पौड़ी गढ़वाल में एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को पारंपरिक नौकरी की सोच से आगे बढ़ाकर स्वरोजगार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए केवल नौकरी की तलाश करना ही एकमात्र विकल्प नहीं है, बल्कि वे अपनी प्रतिभा, कौशल और नवाचार के बल पर सफल उद्यमी बन सकते हैं।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं का लाभ उठाकर अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें।
स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग स्थापित करने की सलाह
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय उद्यमिता संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद से आए जनपद पौड़ी के समन्वयक डॉ. देवेन्द्र सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न आयामों से परिचित कराया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक उत्पादों, कृषि, बागवानी, पर्यटन, हस्तशिल्प एवं स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर अनेक सफल उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से युवाओं को चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय की मजबूत नींव तैयार कर सकें।
योजना के तहत मिलेगा प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग
डॉ. देवेन्द्र सिंह चौहान ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत—
- एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम
- तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप
- छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP)
का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चयनित 25 विद्यार्थियों को मेगा इवेंट के माध्यम से अपने उद्यम की शुरुआत के लिए एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है।
उद्यमिता रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गजराज नेगी ने कहा कि उद्यमिता केवल व्यक्तिगत सफलता का मार्ग नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
वहीं अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. राकेश कुमार भट्ट ने कहा कि उद्यमिता केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का प्रभावी साधन है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा अपनी प्रतिभा, कौशल और नवीन विचारों के बल पर सफल उद्यमी बनकर न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जोखिम उठाने की सकारात्मक सोच विकसित करने और नए अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
छात्र-छात्राओं ने लिया सक्रिय भाग
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। अंत में विद्यार्थियों ने योजना से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया।
