मुनि की रेती में आयोजित धर्म संसद कार्यक्रम में सीएम धामी ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं, पीएम मोदी के उत्तराखंड प्रेम, यूसीसी और नकल विरोधी कानून पर रखे विचार।
जम्मू-कश्मीर हमले पर भी दी प्रतिक्रिया।
टिहरी, 28 अप्रैल 2025:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद टिहरी के मुनि की रेती स्थित आस्था पथ के समीप ‘आज तक‘ द्वारा आयोजित धर्म संसद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा को उत्तराखंड की जीवन रेखा बताते हुए यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम संचालन पर बल दिया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड प्रेम, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), शीतकालीन यात्रा के प्रोत्साहन और नकल विरोधी कानून के प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भारतीय सेना के कड़े जवाब की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की जीवन रेखा है। लाखों श्रद्धालु हर वर्ष दर्शन हेतु आते हैं, जिन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियाँ की हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड प्रेम का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके नेतृत्व में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान और बाबा केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्य तीव्र गति से प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने माणा गांव को देश का पहला गांव घोषित किए जाने की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही पूरे वर्ष बनी रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरकाशी में भी शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिया था।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे कायराना हरकत बताया और भरोसा जताया कि भारतीय सेना इसका उचित जवाब देगी।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे मां गंगा सबको जल और जीवन देती हैं, वैसे ही यूसीसी सभी नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून के तहत तीन वर्षों में लगभग 22 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दिए जाने की भी जानकारी दी।
उन्होंने चारधाम यात्रा के मूल स्वरूप को बनाए रखने पर जोर दिया और श्रद्धालुओं से यात्रा के नियमों का पालन करने की अपील करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया।
