नई टिहरी में बहुउद्देशीय विधिक सेवा शिविर आयोजित, न्यायमूर्तियों ने आमजन को किया जागरूक
‘न्याय सबके लिए’ उद्देश्य के साथ आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों ने दी जनसेवाएं, मेधावी छात्र-छात्राएं और स्वयं सहायता समूह भी हुए सम्मानित
स्थान: नई टिहरी | दिनांक: 10 मई, 2026
SKS न्यूज़ रिपोर्ट:
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल द्वारा रविवार को नगर पालिका परिषद सभागार, नई टिहरी में बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। “न्याय सबके लिए” की भावना के साथ आयोजित इस शिविर में आमजन को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं जनसेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मनोज कुमार तिवारी (न्यायाधीश, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल एवं कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आलोक माहरा (न्यायाधीश, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल) उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरुणा अग्रवाल एवं श्वेता चौबे भी मौजूद रहीं।
अपने संबोधन में न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, विशेषकर उन लोगों तक जिनके पास सीमित संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि विधिक सेवाएं केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, पारिश्रमिक विवाद सहित विभिन्न मामलों में भी निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूकता ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है।
न्यायमूर्ति आलोक माहरा ने अपने संबोधन में कहा कि विधिक साक्षरता शिविर प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति बिना किसी संकोच के आगे आएं और विधिक सहायता प्राप्त करें। साथ ही उन्होंने समाज में विधिक जागरूकता फैलाने पर बल दिया ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
जिला जज नितिन शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में विधिक सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने “Access to Justice” की अवधारणा की विस्तृत जानकारी दी।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दयाराम ने संविधान के अनुच्छेद 39(क) का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय से वंचित नहीं रहने दिया जा सकता। उन्होंने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से न्याय को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणी ने बताया कि पूरे उत्तराखण्ड में लगभग 16 हजार अधिकार मित्र एवं पैनल अधिवक्ता कार्यरत हैं, जो लोगों को घर-घर जाकर कानूनी जानकारी और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने ‘न्यायमित्र हेल्पलाइन’ 18001804000 की जानकारी भी साझा की।
शिविर में राजस्व, कृषि, श्रम, उद्यान, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, समाज कल्याण और सैनिक कल्याण विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आमजन की समस्याओं का समाधान किया गया। आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाइयों का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना, गढ़वाली डोली, गढ़वाली लोकनृत्य, नशा मुक्ति विषय पर नुक्कड़ नाटक तथा NALSA थीम आधारित प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। चंद्रबदनी, घंटाकरण, भुवनेश्वरी, नवदुर्गा एवं सिमरन स्वयं सहायता समूहों को 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा कृषि उपकरण सहायता राशि तथा श्रम, बाल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की गई।
कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्तियों द्वारा विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया गया।
इस अवसर पर मंजू तिवारी, हरिप्रिया माहरा, जनपद के समस्त न्यायधीशगण, विभागाध्यक्ष, कर्मचारीगण, जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में आमजन एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।
