चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी स्वीकृति, सत्र 2026-27 से शुरू होंगी पीजी कक्षाएं
देहरादून | 16 जनवरी 2026
जनपद टिहरी गढ़वाल स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंधार में एमएससी नर्सिंग (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम के संचालन को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नर्सिंग कॉलेज में विधिवत पीजी कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें कुल 10 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
एमएससी पाठ्यक्रम की स्वीकृति से अब बीएससी नर्सिंग प्रशिक्षुओं को टिहरी में ही उच्च नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय छात्रों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर सरकार का फोकस
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड में उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग कॉलेज टिहरी में एमएससी पाठ्यक्रम की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।
इन विषयों में शुरू होगा एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज टिहरी में एमएससी नर्सिंग के अंतर्गत कुल 10 सीटें स्वीकृत की गई हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है—
कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग – 2 सीट
ऑब्स्टेट्रिकल एंड गायनोकोलॉजी नर्सिंग – 2 सीट
मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग – 2 सीट
चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग – 2 सीट
मेंटल हेल्थ नर्सिंग – 2 सीट
इन सभी विषयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई विधिवत शुरू की जाएगी।
विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिली मंजूरी
मंत्री ने बताया कि विभागीय स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा एमएससी नर्सिंग कक्षाओं के संचालन की संस्तुति राज्य सरकार को की गई थी, जिसे अब अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है।
वर्तमान में नर्सिंग कॉलेज टिहरी में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम 40 सीटों के साथ संचालित हो रहा है। अब एमएससी नर्सिंग की 10 अतिरिक्त सीटों के साथ कॉलेज की शैक्षणिक क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।
नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नर्सिंग कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता, संसाधनों और प्रशिक्षण स्तर से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। एमएससी पाठ्यक्रम शुरू होने से प्रदेश को कुशल, प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञ नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध होगा, जिसका लाभ स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा।
